
12वीं के बाद रेलवे उठाएगा बच्चों की पढ़ाई का पूरा खर्च! जानिए पूरी स्कीम
आज के समय में सबसे अधिक महंगी कोई पढ़ाई है तो वह डॉक्टरी की। एक बच्चे को डॉक्टर बनाने के लिए अमूमन 50 से 70 लाख रुपए का खर्च आता है। लेकिन अगर हम आपको कहें कि 12वीं क्लास के बाद आपके बच्चे की डॉक्टरी की पढ़ाई का खर्च रेलवे उठाएगी तो क्या आपको हमारी बात पर विश्वास होगा ? नहीं ना लेकिन यह सच है। अगर आपको बच्चा पढ़ने में होशियार और उसकी मेडिकल लाइन में जाने की इच्छा है तो प्री मेडिकल परीक्षा या पीएमटी की परीक्षा की तैयारी का खर्च रेलवे उठाएगी। लेकिन ध्यान रहे इस विशेष सुविधा का लाभ रेलवे में नौकरी करने वाले कर्मचारियों के बच्चों को ही दिया जाएगा।
दरअसल देश में रेलवे अस्पतालों में चिकित्सकों की 40 प्रतिशत तक कमी है। इस कमी को पूरा करने के लिए रेलवे ने अनेक बार प्रयास किए लेकिन वह हर बार विफल रही। इसके बाद अब रेलवे इस कमी को दूर करने के लिए नया तरीखा अपनाने जा रहा है। रेलवे ने अब अपने ही कर्मचारियों के प्रतिभावान बच्चों को चिकित्सक बनाने का फैसला किया है।
आपको बता दें इस बारे में यूनियन द्वारा भी मांग उठाई जा चुकी है कि रेलवे अपने ही कर्मचारियों के बच्चों को चिकित्सक बनाए और उन्हें रेलवे अस्पताल में नौकरी दे। इस मांग को मानने के बाद ग्रुप सी व ग्रुप डी स्तर के कर्मचारियों का भी अपने बच्चों को डॉक्टर बनाने का सपना पूरा हो सकेगा। रेलवे के अनुसार कर्मचारियों के वे विद्यार्थी जो 70 प्रतिशत से अधिक अंक लाते हैं, उन्हें मेडिकल की पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
रेलवे कर्मचारियों के वे विद्यार्थी जो कि 12वीं के बाद पीएमटी की परीक्षा देते हैं और उसमें उनका चयन हो जाता है तो उनकी आगे की पढ़ाई का खर्च रेलवे वहन करेगी। लेकिन ध्यान रहे इसके लिए कर्मचारी को पहले से आवेदन करना होगा। इसके साथ ही रेल कर्मचारी के बच्चों को यह अनुबंध भी भरना होगा कि उनकी एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी होने के बाद वे देशभर में रेलवे के बताए अनुसार कहीं भी अपनी सेवा देने के लिए तैयार रहेंगे। उन्हें कम से कम 10 साल तक रेलवे में चिकित्सक के पद पर अपनी सेवाएं देनी होंगी।
Published on:
18 Jul 2018 05:45 pm
