12 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राजस्थान विश्वविद्यालय: रिजल्ट से पहले ही अगले सेमेस्टर की परीक्षा घोषित

दो से अधिक विषयों में एक-दो नंबर से फेल होने वाले छात्र मई में सेमेस्टर की परीक्षा देने से वंचित हो जाएंगे। कई छात्रों का पूरा साल खराब हो जाएगा।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Sunil Sharma

May 11, 2018

Rajasthan University

Rajasthan University

राजस्थान विश्वविद्यालय ने पिछले सेमेस्टर के पुनर्मूल्यांकन परिणाम जारी करने से पहले नए सेमेस्टर परीक्षा घोषित कर दी। मामला लॉ पाठ्यक्रम का है। विवि ने लॉ पाठ्यक्रमों में तीन वर्षीय व पांच वर्षीय दोनों की परीक्षा तिथियां घोषित कर दी हैं। परीक्षा के आवेदन भी भरवा लिए गए हैं। मगर अभी तक दिसम्बर-जनवरी में आयोजित परीक्षा के पुर्नमूल्यांकन का रिजल्ट जारी ही नहीं किया गया। ऐसे में दो से अधिक विषयों में एक-दो नंबर से फेल होने वाले छात्र मई में सेमेस्टर की परीक्षा देने से वंचित हो जाएंगे। कई छात्रों का पूरा साल खराब हो जाएगा। अगर छात्र ड्यू पेपर देते हैं तो उन्हें वर्तमान कक्षाओं का पेपर छोडऩा पड़ेगा।

ये भी पढ़ेः एग्रीकल्चर और बायोलॉजिकल फील्ड में प्लांट पैथोलॉजी है अच्छा ऑप्शन, फॉरेन जाने के भी हैं चांस

ये भी पढ़ेः रोज एक डॉलर के दान से गांव का सरकारी स्कूल बना हाईटेक, निजी स्कूलों को दी मात

परीक्षा एक दिन एक समय पर
बीए एलएलबी में छठें-आठवें व दसवें सेमेस्टर की परीक्षा २१ मई से एक ही दिन व एक ही समय पर निर्धारित की गई हैं। इन तीनों सेमेस्टर की परीक्षाएं 21 मई से एक-एक दिन के अन्तराल में होगी। तीनों सेमेस्टर की परीक्षाएं सुबह ७ बजे से १० बजे तक होंगी। ऐसे में छठें या आठवें सेमेस्टर का ड्यू पेपर छात्र नहीं दे पाएंगे। अगर छात्र ड्यू पेपर देते हैं तो उन्हें वर्तमान कक्षाओं का पेपर छोडऩा पड़ेगा। ऐसे में बहुत से छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। छात्रों के सामने यह दुविधा है कि वो इस एग्जाम की तैयारी करें या अगले एग्जाम की तैयारियों में जुटें।

ये भी पढ़ेः इस हफ्ते निकलेगी 68,500 सरकारी नौकरियां, जाने कहां अप्लाई करना है

ये भी पढ़ेः एग्रीकल्चर और बायोलॉजिकल फील्ड में प्लांट पैथोलॉजी है अच्छा ऑप्शन, फॉरेन जाने के भी हैं चांस

पुनर्मूल्याकंन छात्रों के लिए केवल सुविधा है, अधिकार नहीं है।
- वी.के. गुप्ता, परीक्षा नियंत्रक