
ldc recruitment examination process can not be completed even till the code of conduct is complete
राजस्थान विश्वविद्यालय ने छात्रों के लिए एक राहत भरी खबर दी है जिनमे छात्रों को रीवैल्युएशन में उत्तीर्ण हुए छात्रों को परीक्षा शुल्क लौटाया जायेगा।
पुनर्मूल्यांकन परिणाम में लेटलतीफी के चलते राजस्थान विश्वविद्यालय के परीक्षा आवेदनों में दोहरी फीस चुकाने वाले विद्यार्थियों को राहत मिल गई है। कुलपति प्रो.आर.के.कोठारी ने छात्रों को अतिरिक्त वसूला गया शुल्क वापस लौटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब पुनर्मूल्यांकन के दौरान पिछले सत्र के पेपरों में उतीर्ण होने के बावजूद 2017-18 के सत्र में मुख्य परीक्षा आवेदन के साथ ड्यू पेपर की फीस चुकाने वाले छात्रों से अतिरिक्त वसूली गई राशि वापस लौटाई जा सकेगी।
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मंगलवार को ही एग्जामिनेशन प्लानिंग एंड मॉनिटरिंग कमेटी (इपीएमसी) की बैठक बुलाई गई, जिसमें छात्रों से हुई अतिरिक्त शुल्क वसूली उन्हें वापस लौटाने का निर्णय किया गया। शुल्क वापसी के लिए सम्बन्धित छात्र को अपने परीक्षा आवेदन पत्र की हार्ड कॉपी जमा करानी होगी। इसकी जांच में उचित पाए जाने पर छात्रों की फीस रिफंड कर की जाएगी। कमेटी के निर्णय को कुलपति के पास भेजा गया, जहां कुलपति ने इस निर्णय को अपनी मंजूरी दे दी। गौरतलब है कि रास्थान पत्रिका ने सोमवार को खबर प्रकाशित कर विद्यार्थियों की व्यथा को उजागर किया था। इसके बाद कुलपति ने मामले में दखल दिया था। जिसके बाद इस मामले को ईपीएमसी में भेजने का निर्णय लिया गया था।
ये था मामला
विश्वविद्यालय में मौजूदा सत्र के लिए विद्यार्थियों से परीक्षा आवेदन भरा लिए गए, लेकिन पिछले सत्र के पुनर्मूल्यांकन परिणाम जारी नहीं किए। जो परिणाम जारी हुए, उनमें भी परीक्षा कार्य देखने वाली फर्म ने परिणामों को अपडेट नहीं किया। इसके चलते जो छात्र रीवैल में पास हो गए, उनसे भी विश्वविद्यालय ने ड्यू पेपर के आवेदन भ्भरा कर अतिरिक्त शुल्क वसूल लिया। राजस्थान पत्रिका ने सोमवार के अंक में इसे प्रकाशित किया तो कुलपति ने पूरे मामले में हस्तक्षेप किया और छात्रों को राहत मिली।
Published on:
03 Jan 2018 01:24 pm
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