
Rajasthan University
राजस्थान विश्वविद्यालय शोध करने के इच्छुक विद्यार्थियों से प्रवेश परीक्षा के नाम पर मोटी फीस वसूल रहा है। विश्वविद्यालय में इन दिनों एम.फिल व पीएचडी की प्रवेश परीक्षा एमपैट के आवेदन फॉर्म भरे जा रहे हैं। आवेदन पत्र में केवल प्रवेश परीक्षा के नाम पर 2550 रुपए फीस ली जा रही है जबकि अमूमन किसी भी प्रवेश परीक्षा की फीस इतनी नहीं होती। यहां तक की नेट जैसी परीक्षा के आवेदन की फीस इसकी 50 फीसदी भी नहीं है।
यूजी में कई पाठ्यक्रमों की फीस दो हजार से कम
एमपैट परीक्षा की फीस विश्वविद्यालय प्रशासन जितनी ले रहा है, उससे कम तो यूजी में कई पाठ्यक्रमों की है। यूजी-पीजी पाठ्यक्रमों में छात्राओं से शिक्षण शुल्क नहीं लिया जाता है। इसके अतिरिक्त भी कुल शुल्क दो हजार से कम है। यह फीस सालाना है, यानि की दो हजार रुपए में छात्राएं सालभर क्लास ले सकेंगी।
यूं समझे गणित
इस बार पीएचडी और एमफिल की कुल मिलाकर एक हजार सीटें हैं। एक हजार सीटों के लिए करीब चार-पांच गुणा आवेदन पत्र आएंगे। ढाई हजार रुपए प्रति आवेदन के हिसाब से करीब सवा करोड़ रुपए एकत्रित होंगे। प्रवेश परीक्षा राजस्थान विश्वविद्यालय में ही होगी। इसलिए कुल रेवेन्यू का लगभग 20 से 25 फीसदी हिस्सा ही खर्च होगा। बाकी विश्वविद्यालय प्रशासन के खाते में रहेगा। यह केवल प्रवेश परीक्षा का शुल्क है। परीक्षा में पास होने पर ही एडमिशन दिया जाएगा। उसके बाद पीएचडी का शुल्क लगेगा। वहीं जो विद्यार्थी पास नहीं हो पाते, उनकी फीस भी रिफंड नहीं होगी।
दोबारा परीक्षण करेंगे
पेपर सेंटर का मेहनताना देना पड़ता है। दूसरे खर्चें भी काफी ज्यादा बढ़ गए हैं। फिर भी एक बार दुबारा इसका परीक्षण करवा लेंगे।
- प्रो. आर.के. कोठारी, कुलपति, राजस्थान विश्वविद्यालय
Published on:
03 Aug 2019 06:15 pm
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