
Success Story Of Bihar Viral Teacher: बिहार की शिक्षिका खुशबू कुमारी के कई वीडियो आपने देखे होंगे। उन्होंने कम उम्र में ऐसा कमाल कर दिखाया है, जिसकी आप कल्पना नहीं कर सकते। कहते हैं माता-पिता के बाद कोई सच्चे मन से आपकी भलाई की बात अगर सोचे तो वो बस शिक्षक ही होते हैं। बिहार के बांका जिले की शिक्षिका खुशबू कुमारी इसका सटीक उदाहरण हैं। उन्होंने न सिर्फ बच्चों को पढ़ाने का नया तरीका खोजा बल्कि छात्रों को हर तरह से सपोर्ट करती हैं। शिक्षा के क्षेत्र में अहम योगदान के लिए इस शिक्षक दिवस (Teachers Day) के मौके पर उन्हें राजकीय पुरस्कार से सम्मानित किया जा रहा है।
खुशबू बिहार (Bihar Viral Teacher Khusboo Kumari) के बांका जिले के कटोरिया प्रखंड के मध्य विद्यालय, कठौन में पढ़ाती हैं। उनके पढ़ाने के दिलचस्प तरीके के मुख्यमंत्री भी फैन हैं। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से लेकर, बड़े-बड़े मंत्री, विधायक और आईएएस-आईपीएस भी उनकी तारीफ करते हैं। वर्ष 2013 से पढ़ाने का काम कर रही हैं। बिहार की इस वायरल शिक्षिका ने 2022 में अपना पहला वीडियो बनाया था, जिसमें वे बच्चों को डांस करके पढ़ा रही थीं। इस वीडियो (Khusboo Kumari Viral Video) को काफी लोगों ने पसंद किया। धीरे-धीरे उन्होंने ऐसे और भी वीडियो डालना शुरू किया।
खुशबू ने पत्रिका से बातचीत में बताया कि उन्हें पढ़ाते हुए काफी वक्त हो गया है। हमेशा से उनके पढ़ाने की शैली यही थी जो अब लोगों के बीच वीडियो के माध्यम से आ रही है। हालांकि, शुरुआती दौर में वे सोशल मीडिया पर अब की तरह सक्रिय नहीं थीं। खुशबू ने कहा, “वो समय भी ऐसा नहीं था। लोग सोशल मीडिया का इतना इस्तेमाल नहीं करते थे। माता-पिता इसे एक नेगेटिव तत्व की तरह देखते थे। ऐसे में मेरा सोशल मीडिया पर आने का कोई सवाल ही नहीं था।”
खुशबू आगे बताती हैं कि वर्ष 2019 में उनकी शादी हुई। वहीं एक साल बाद उनके स्कूल (UMS कठौन) में नए प्रधानाध्यापक आए, जिन्हें खुशबू के पढ़ाने का तरीका काफी पसंद आया। उन्होंने न सिर्फ खुशबू की प्रशंसा की बल्कि वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालने की सलाह दी। शुरुआत में खुशबू को थोड़ा अजीब लगा लेकिन पति ने भी इसके लिए सपोर्ट किया। खुशबू कहती हैं, “आज मुझे ये पुरस्कार मिल रहा है तो इसका क्रेडिट प्रधानाध्यापक और मेरे पति को जाता है। इन दो शख्स के बिना में यहां तक नहीं पहुंच पाती। पढ़ाना तक तो ठीक था लेकिन इस तरह का मान-सम्मान नहीं मिलता।” बता दें, खुशबू के पति मनीष कुमार आनंद पेशे से एक शिक्षक हैं और बांका जिले के कटोरिया प्रखंड के स्कूल UGPS, जयपुर में पढ़ाते हैं।
मालूम हो वर्ष 2023 में बिहार में शिक्षा विभाग के द्वारा ‘चहक’ कार्यक्रम लाया गया, जिसमें खुशबू कुमारी ने ट्रेनिंग ली थी। इस प्रोग्राम का उद्देश्य था छोटे बच्चों विशेषकर कक्षा 1 और 2 के बच्चों को नृत्य और गाने के माध्यम से पढ़ाना। खुशबू ने कहा, “मैं पहले भी इसी तरह से पढ़ाती थी। चहक के बाद मेरे पढ़ाने के तरीके को पहचान मिली।” अपनी कहानी बताते हुए वे कहती हैं कि जब उनका पहला वीडियो वायरल हुआ था तो उन्हें काफी खुशी हुई। इसके बाद देखते ही देखते कई वीडियो वायरल हुए।
हमारे इस सवाल पर कि सोशल मीडिया के नेगेटिव कॉमेंट्स से कैसे डील करती हैं, उन्होंने कहा, “सोशल मीडिया छोड़ दीजिए मुझे पड़ोस और जान पहचान के कई लोगों से नेगेटिव कॉमेंट मिले हैं। लोग मुझे नाचने-गाने वाली कहते थे। कई लोग इतना बुरा भला कहते थे कि मैं आपके सामने वो शब्द बोल भी नहीं सकती हूं।” खुशबू आगे कहते हैं कि उनका परिवार उन्हें बहुत सपोर्ट करता है। कहा, “मुझे मेरे पति हतोत्साहित होने से बचाते हैं। वो एक बहुत बड़ी बात कहते हैं कि जब हमारे हाथ की पांचों उंगलियां बराबर नहीं हो सकती तो इस दुनिया में तो करोड़ों लोग हैं, वे कैसे एक जैसी सोच के हो सकते हैं।” औरतों के लिए तो छोटी सी छोटी चीज बाधा है। ऐसे में किसी भी लड़की का कुछ नया करना लोगों को पसंद नहीं आता। शुरुआत में झेलना थोड़ा कठिन था। पर अब आदत हो गई है।
खुशबू मैम ने कहा, “मैं हर छात्र से बस इतना ही कहना चाहूंगी कि ईमानदारी से मेहनत करें और अपने अंदर सकारात्मक सोच लाएं।" उन्होंने कहा हर व्यक्ति कभी न कभी सीखने के दौर में होता है। मैं भी कभी पढ़ रही थी। एक छात्र होने के नाते मुझे जिस माहौल का अभाव लगा और जिन चीजों की कमी महसूस हुई, मैं अपने छात्रों के जीवन में उन्हें पूरा करने की कोशिश करती हूं। एक पुराना किस्सा बताते हुए खुशबू कहती हैं कि एक बार एक छात्रा अवसाद की शिकार हो गई थी, घर वालों के दबाव में आकर उसने सुसाइड तक का सोच लिया था। लेकिन खुशबू के काफी समझाने के कारण आज वो बच्ची पढ़ भी रही है और खुश भी है। खुशबू केवल एक शिक्षिका नहीं हैं वे उन छात्रों की सहेली भी हैं, जो कई बार अवसाद का शिकार हो जाते हैं, घर पर किसी प्रकार का दबाव झेल रहे होते हैं या फिर नशीली पदार्थ का शिकार हो जाते हैं।
Published on:
05 Sept 2024 12:49 pm
बड़ी खबरें
View Allशिक्षा
ट्रेंडिंग
