
Success Story: हिम्मत और हौसला हो तो कुछ भी मुमकिन है। आगरा के दो चचेरे भाईयों ने इसका उदाहरण पेश किया है। संसाधन की कमी के बावजूद वो मुकाम हासिल किया है, जहां पहुंचने के लिए भरपूर सुख-सुविधा वाले लोग भी सोचते हैं। हम बात कर रहे हैं दो रोज की दिहाड़ी पर पुताई करने वाले दो सगे भाईयों के बेटे शिवम और अभिषेक की। इन दोनों भाईयों के बेटों ने जेईई एडवांस परीक्षा (JEE Advanced Exam) पास करके सभी को हैरत में डाल दिया।
शिवम और अभिषेक के पिता सगे भाई हैं। राजेंद्र कुमार और विजेंद्र कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के झांसी के रहने वाले हैं। वे 15 साल पहले काम की तलाश में आगरा आ गए थे। दोनों 600 रुपये की दिहाड़ी पर पुताई का काम करते थे। इन दोनों ने दो साल पहले अपने बेटों के आईआईटी (IIT College) में पढ़ने का सपना देखा जो आज पूरा हो गया।
राजेंद्र ने मीडिया से बातचीत में बताया कि वे और उनके भाई कम उम्र से ही पेंटर के तौर पर काम करना शुरू कर दिया। आगरा आने के बाद कई बार ऐसा हुआ जब उन्हें अगले दिन के भोजन के बारे में सोचना पड़ता था। हालांकि, अब वे दोनों प्रतिदिन 600 रुपये कमा लेते हैं। वे आगरा में किराए की मकान में रहते हैं। राजेंद्र ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि बेटे और भतीजे के आईआईटी कॉलेज (IIT College) में जाने के बाद भविष्य बेहतर होगा। राजेंद्र ने बताया कि वे 10वीं कक्षा में फेल हो गए थे और उनके भाई 8वीं तक पढ़े हैं। ऐसे में उन दोनों भाईयों की इच्छा थी कि उनके बेटे उच्च शिक्षा हासिल करें।
राजेंद्र के चार बच्चे हैं, जिनमें तीन बेटियां और एक बेटा है। उनकी बेटियां एमएससी, एमसीए और बीबीए जैसे विभिन्न क्षेत्र में पढ़ाई कर रही हैं। अभिषेक सबसे छोटा है और उसने जेईई एडवांस में 2372 रैंक हासिल की है। वहीं, विजेंद्र कुमार का बड़ा बेटा बीबीए की पढ़ाई कर रहा है, जबकि छोटे बेटे शिवम ने जेईई एडवांस में 2989 रैंक प्राप्त की है। अभिषेक और शिवम दोनों ही आईआईटी से कंप्यूटर साइंस में बीटेक करना चाहते हैं।
Published on:
12 Jun 2024 03:21 pm
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