
Anand Kumar Interview On Delhi Coaching Flood Accident: पिछले दिनों राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में जो कुछ भी हुआ, उसने सभी को भीतर से झकझोर कर रख दिया। दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर स्थित Rau’s IAS कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में जलभराव के कारण 3 छात्रों की पानी में डूबकर मृत्यु हो गई। इस हादसे (Delhi Coaching Accident) के बाद से देश में भूचाल मच गया है। यूपीएससी व अन्य परीक्षा के अभ्यर्थी सड़कों पर उतर आए हैं। दिल्ली पुलिस और MCD सक्रिय हो गई है। यहां तक की मामला दिल्ली हाई कोर्ट तक पहुंच गया है। वहीं इस बीच सुपर 30 के संस्थापक आनंद कुमार (Super 30 Founder Anand Kumar) ने इस पूरे मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस घटना की निंदा की और इसका कुसूरवार सिस्टम को ठहराया।
एक मीडिया चैनल को दिए इंटरव्यू में आनंद कुमार (Anand Kumar) ने कहा, “दिल्ली कोचिंग हादसा बेहद दर्दनाक है। तीन ऐसे छात्र जिनकी कोई गलती नहीं थी, उन्हें जान गंवानी पड़ी। उनकी कोई गलती नहीं थी। वे जिंदगी से हताश भी नहीं थे। लेकिन सिस्टम में गलती के कारण उनकी जान चली गई।” आनंद कुमार आगे कहते हैं, “आज दिल्ली में खासकर ओल्ड राजेंद्र नगर में छोटी-छोटी गलियों के अंदर बेसमेंट में कोचिंग खोल दिए गए हैं, जहां दम घुटना, आग लगना और पानी भरने का खतरा बना रहता है।” उन्होंने कहा कि इतने छोटे कमरे में 200 से ज्यादा छात्र पढ़ते हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार की अनहोनी की आशंका बनी रहती है। इसके लिए ही मोटी फीस वसूली जाती है। हर सर्विस के लिए अलग से फीस ली जाती है। लेकिन छात्रों को उस तरह का मौहाल नहीं दिया जाता, जहां वो शांतिपूर्वक पढ़ाई कर सकें। इस तरह कई सारे छात्रों का शोषण हो रहा है।
सुपर 30 (Super 30) के फाउंडर आनंद कुमार (Anand Kumar) कहते हैं कि कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने से तीन छात्रों की जान चली गई। ये बेहद दु:खद बात है। सरकार को इस पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। दोषियों को कड़ी सजा होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि जो लोग इस बात को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, उनका विरोध करना जायज है। हालांकि, उन्होंने छात्रों से शांतिपूर्वक अपनी बात रखने की विनती की।
बता दें, हर साल विभिन्न राज्यों के छात्र लाखों रुपये खर्च करके दिल्ली आते हैं। उनकी आंखों में कुछ कर गुजरने का सपना, मन में हौसला और बस्ते में एम लक्ष्मीकांत की ‘इंडियन पॉलिटी’ या बिपिन चंद्र की ‘आधुनिक भारत का इतिहास’ की पुस्तकें होती हैं। हालांकि, उम्मीदें हो या सपना या फिर कड़ी मेहनत, इन सभी बातों का मतलब तब ही निकलता है जब किसी कैंडिडेट ने यूपीएससी क्लियर कर लिया हो अन्यथा सभी चीजों पर पानी फिर जाता है। शायद, यही कारण है कि टॉपर्स को तो सब पूछते हैं, उन पर मीडिया सक्सेस स्टोरी करती है, कोचिंग संस्थानों के पोस्टर में उनकी तस्वीरें चस्पाई जाती हैं और हर तरफ उनकी ही चर्चा होती है। लेकिन एक आम स्टूडेंट को बिना कारण अपनी जान गंवानी पड़ती है।
Updated on:
01 Aug 2024 05:40 pm
Published on:
01 Aug 2024 05:08 pm
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