
चिकित्सा क्षेत्र में स्नातक तथा स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) को सुप्रीट कोर्ट ने बरकरार रखा है।
सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा है कि NEET अल्पसंख्यकों के अधिकारों का हनन नहीं करती है। कोर्ट ने कहा कि मेडिकल और दंत चिकित्सा पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए NEET की एक समान परीक्षा निर्धारित करने से संविधान के अनुच्छेद 30 के तहत गैर सहायता प्राप्त / सहायता प्राप्त अल्पसंख्यक संस्थानों के अधिकारों का उल्लंघन नहीं हुआ।
वर्ष 2012 में मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया और डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा जारी नीट नोटिफिकेशन की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुए दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने यह बात कही।
क्या है NEET Exam
वर्ष 2012 तक देशभर के निजी और सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए ऑल इंडिया प्री मेडिकल टेस्ट आयोजित होता था। केन्द्र ने परीक्षा में पारदर्शिता के लिए नीट एग्जाम कराने का फैसला लिया था। नीट को वर्ष 2018 तक सीबीएसई और अब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी आयोजित कराती है।
Updated on:
30 Apr 2020 08:20 am
Published on:
30 Apr 2020 09:40 am
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