
-विभिन्न मांगों को लेकर हजारों शिक्षकों ने किया प्रदर्शन
बेंगलूरु. प्राथमिक विद्यालय शिक्षक संघ के बैनर तले हजारों शिक्षकों Teachers Protest ने सोमवार को शहर के फ्रीडम पार्क में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसके कारण राज्य में कई सरकारी प्राथमिक विद्यालय बंद रहे। शिक्षक 2016 से पहले कक्षा 1 से 7 तक पढ़ाने के लिए नियुक्त योग्य सरकारी प्राथमिक विद्यालय शिक्षकों को स्नातक प्राथमिक शिक्षक (जीपीटी) के रूप में नामित करने और इस संबंध में कैडर और भर्ती नियमों में बदलाव आदि में मांग पर अड़े हैं।
विरोध प्रदर्शन में शामिल आम आदमी पार्टी (AAP), कर्नाटक के अध्यक्ष मुख्यमंत्री चंद्रू ने कहा, राज्य सरकार के अधिकारियों की बातें सुनने के बजाय सरकार को प्राथमिक शिक्षकों के साथ हो रहे अन्याय को ठीक करने के लिए त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए। शिक्षक चाहते हैं कि वर्ष 2016 से पहले भर्ती किए गए योग्य प्राथमिक विद्यालय शिक्षकों को हाईस्कूल में पदोन्नत किया जाए। प्राथमिक विद्यालय शिक्षकों को वरिष्ठता के आधार पर प्रधानाध्यापक के पद पर पदोन्नत किया जाए।
स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग (डीएसइएल) की ओर से अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी के बावजूद, अधिकांश प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों ने कक्षाओं का बहिष्कार किया और विरोध प्रदर्शन में भाग लिया। नतीजतन, कई एकल-शिक्षक विद्यालय पूरी तरह से बंद Schools Closed हो गए। सोमवार की सुबह, जो बच्चे हमेशा की तरह स्कूल आए थे, वे घर चले गए।स्कूल विकास एवं निगरानी समितियों (एसडीएमसी) ने इस बात पर अपनी नाराजगी जाहिर की कि शिक्षकों ने कक्षाओं का बहिष्कार करके विरोध प्रदर्शन में भाग लिया। एसडीएमसी के राज्य अध्यक्ष उमेश जी. गंगावड़ी ने दुख जताते हुए कहा, स्कूली बच्चों को एक दिन की कक्षा, मध्याह्न भोजन, गर्म दूध और शैक्षणिक गतिविधियों से वंचित रहना पड़ा।
Published on:
13 Aug 2024 10:25 am
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