
TGT And PGT Teacher: शिक्षकों का काम अब आसान नहीं रहा। उनमें भी कई तरह के लेवल होते हैं। स्कूल में पीजीटी और टीजीटी से लेकर कई लेवल के शिक्षक होते हैं। स्कूल में शिक्षकों का वर्गीकरण इस आधार पर होता है कि वे किसी कक्षा में पढ़ाते में हैं। इसी आधार पर उनके लिए शैक्षणिक योग्यता और मापदंड निर्धारित किए जाते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं पीजीटी और टीजीटी शिक्षक क्या होते हैं और ये बनने के लिए क्या योग्यता लगती है-
स्कूल में शिक्षकों का वर्गीकरण वे किस कक्षा में पढ़ाते हैं इस आधार पर किया जाता है। टीजीटी शिक्षकों को स्कूल में कक्षा 10 तक पढ़ाने के लिए नियुक्त किया जाता है। टीजीटी का फुलफॉर्म है ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर (Trained Graduate Teacher)। योग्यता की बात करें तो संबंधित विषय में स्नातक की डिग्री और 2 वर्षीय बीएड की डिग्री होनी चाहिए। साथ ही TET या CTET परीक्षा क्वालिफाई किया हो। टीजीटी शिक्षकों को पे लेवल 7 के तहत, 44,900 रुपये से लेकर 1,42,400 रुपये तक की सैलरी दी जाती है।
वहीं पीजीटी कक्षा 12वीं तक पढ़ाने वाले शिक्षक होते हैं। पीजीटी का फुल फॉर्म है, पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (Post Graduate Teacher)। पीजीटी शिक्षकों के पास संबंधित विषय में स्नातकोत्तर और बीएड की डिग्री होनी चाहिए। वहीं पीजीटी की सैलरी ग्रेड पे के अनुसार दी जाती है, जो आमतौर पर 47,600 से 1,51,100 रुपये के बीच होती है।
हाल ही में शिक्षा निदेशालय ने कहा कि दिल्ली के सरकारी स्कूलों में स्थाई शिक्षक पद के लिए जल्द ही भर्तियां शुरू हो सकती हैं। शिक्षा निदेशालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, ये भर्तियां पीजीटी और टीजीटी शिक्षकों के रूप में होगी। इस भर्ती के जरिए कुल 9000 पद भरे जाएंगे। हालांकि, इसके लिए अभी नोटिस नहीं जारी किया गया है। नोटिस संभवत: अप्रैल या मई में जारी हो सकता है।
Updated on:
31 Mar 2025, 8:55 AM IST
Published on:
31 Mar 2025, 8:55 AM IST
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