
-चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को बचाएं
बेंगलूरु. संविधान में ही स्पष्ट रूप से कहा गया है कि विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता और कामकाज राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है। वर्तमान में केंद्र सरकार द्वारा एनटीए NTA के माध्यम से किसी भी डिग्री के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करना लोकतंत्र विरोधी है।
अखिल भारतीय शिक्षा बचाओ समिति की ओर से शनिवार को कोंडज्जी बसप्पा ऑडिटोरियम में नीट परीक्षा NEET EXAM में बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी व अन्य अनियमितताओं के खिलाफ आयोजित राज्य स्तरीय सम्मेलन का उद्घाटन करने के बाद संबोधित कर रहे पूर्व महाधिवक्ता प्रो. रविवर्मा कुमार ने चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को बचाने की मांग की। उन्होंने कहा कि 50 वर्ष पूर्व की शैक्षिक समस्याएं आज भी जस की तस हैं। भ्रष्ट और फर्जी व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। एनटीए को तत्काल समाप्त किया जाना चाहिए और परीक्षा आयोजित करने और प्रवेश देने जैसी प्रक्रियाएं राज्य स्तर पर ही की जानी चाहिए।
संवैधानिक मान्यता नहीं
उन्होंने आरोप लगाया कि विवादित नीट परीक्षा में भ्रष्टाचार-नकल का मुख्य कारण केंद्र सरकार की एक देश, एक परीक्षा की झूठी घोषणा और सत्ता का केंद्रीकरण है। नीट और कई अन्य परीक्षाएं आयोजित करने वाली एनटीए को कोई संवैधानिक मान्यता नहीं है।
जिम्मेदारी से बच रही सरकार
नीट परीक्षा पर उच्च स्तरीय समिति के सदस्य प्रो. एल. जवाहर नेसन ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि नीट परीक्षा में भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी अपने आप में अपराध है। नीट परीक्षा के माध्यम से शिक्षा के केंद्रीकरण के साथ-साथ सरकार चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था की जिम्मेदारी से बच रही है।
चिकित्सा शिक्षा दिन-प्रतिदिन महंगी
जयदेव अस्पताल के पूर्व निदेशक और बेंगलूरु विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. एन. प्रभुदेव ने कहा कि आज अधिकांश चिकित्सा शिक्षण संस्थान राजनीतिक व्यक्तियों के नियंत्रण में हैं। इसलिए चिकित्सा शिक्षा दिन-प्रतिदिन महंगी होती जा रही है।
परीक्षाएं प्रेशर कुकर की तरह
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आशा बेनकप्पा ने कहा, आजकल सभी परीक्षाएं प्रेशर कुकर की तरह हैं। मेडिकल क्षेत्र का चित्रण अवास्तविक रूप से ग्लैमरस है, इसे छोड़ देना चाहिए। आजकल मेडिकल कॉलेज हाई स्कूल से भी खराब स्तर के हैं। कई कॉलेजों में न तो बुनियादी सुविधाएं हैं और न ही पढ़ाने के लिए प्रोफेसर हैं। राजनीतिक उदासीनता ऐसी समस्याओं का कारण है।राज्य स्तर पर हो परीक्षा
सम्मेलन का प्रस्ताव रखते हुए एआएसइसी के प्रदेश अध्यक्ष वी. एन. राजशेखर ने कहा कि एनटीए और नीट को समाप्त किया जाना चाहिए और राज्यों को सीटें भरने के लिए प्रवेश आयोजित करने की अनुमति दी जानी चाहिए।
Published on:
14 Jul 2024 07:39 pm
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