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एक प्रेरणादायक प्रिंसिपल की कहानी, जिम्मेदारी और सेवा का अनोखा उदाहरण, School में खुद लगाते हैं झाड़ू, जानिये कौन हैं ये शख्स

सोशल मीडिया प्लेटफार्म Linkedin पर एक पूर्व IAS ने उनकी स्टोरी शेयर की है। प्रिंसिपल ने पद की गरिमा को दिखावे के बजाय जिम्मेदारी के रूप में स्वीकारते हुए उन्होंने घमंड को एक तरफ रख दिया और...

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भारत

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Anurag Animesh

Jul 28, 2025

Chhattisgarh School Principal Motivational Story

Chhattisgarh School Principal Motivational Story

छत्तीसगढ़ से एक ऐसी प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जो शिक्षा और नेतृत्व के असली मायनों को दर्शाती है। यह कहानी है एक सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल की, जिन्होंने 13 वर्षों तक शिक्षक के रूप में सेवा देने के बाद प्रिंसिपल की परीक्षा पास की और अब पूरे समर्पण के साथ विद्यालय का नेतृत्व कर रहे हैं। इस प्रिंसिपल की दिनचर्या कुछ अलग ही है। वे रोजाना विद्यालय समय से एक घंटे पहले पहुंचते हैं और सबसे पहले झाड़ू उठाकर स्कूल परिसर की सफाई करते हैं। उनके हाथ में झाड़ू देखकर लोग चौंक सकते हैं, लेकिन यही वह दृश्य है जो उन्हें एक सच्चा शिक्षक और आदर्श नेता बनाता है।

पूर्व IAS ने शेयर की स्टोरी


सोशल मीडिया प्लेटफार्म Linkedin पर एक पूर्व IAS ने उनकी स्टोरी शेयर की है। प्रिंसिपल ने पद की गरिमा को दिखावे के बजाय जिम्मेदारी के रूप में स्वीकारते हुए उन्होंने घमंड को एक तरफ रख दिया और सेवा को अपना धर्म बना लिया। जब उनसे किसी ने पूछा कि एक प्रिंसिपल होकर वे खुद सफाई क्यों करते हैं, तो उन्होंने मुस्कराते हुए जवाब दिया, पद आराम नहीं, जिम्मेदारी लाता है। यदि मुझे दिल से पढ़ाना है, तो पहले विद्यालय को स्वच्छ रखना मेरा कर्तव्य है।

School खुद करते हैं साफ


उनका मानना है कि बच्चे केवल किताबों से नहीं, बल्कि बड़ों के आचरण से भी सीखते हैं। यही कारण है कि वे रोज अपने व्यवहार से बच्चों को सम्मान, आत्म-सम्मान और नैतिक मूल्यों की शिक्षा देते हैं। यह कहानी केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि उस सोच की है जो बताती है कि सच्ची सेवा वह है जो बिना किसी प्रशंसा की अपेक्षा के की जाती है। यह छत्तीसगढ़ की मिट्टी से निकली वह प्रेरणा है जो पूरे देश को यह सिखा रही है कि नेतृत्व का मतलब सिर्फ आदेश देना नहीं, बल्कि खुद उदाहरण बनना है।