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नई दिल्ली/मुंबई। क्यूएस विश्व यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स ने स्टुडेंट के लिए सबसे अच्छे टॉप 100 शहरों की घोषणा कर दी है। यह रैंकिंग हर साल जारी की जाती है और इसे क्वासक्वारेल्ली साइमंड्स (क्यूएस) जारी करती है। यह रैंकिंग इन बातों को ध्यान में रखकर जारी की गई है।
1. विश्वविद्यालयों की गुणवत्ता
2. स्टुडेंट्स को पढ़ाने वाले शिक्षक कैसे हैं
3. वहन करने में सामर्थय
4. अनुकूलता
5. रोजगार के अवसर और नियोक्ता की गतिविधि
6. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कैसा है शहर
7. सहनशीलता का स्तर
8. प्रदूषण
9. सुरक्षा
हालांकि, अच्छी बात यह है कि इस रैंकिंग में भारत के दो शहर टॉप 100 में जगह बनाने में कामयाब रहे। देश की राजधानी दिल्ली और मुंबई। मुंबई 85 नंबर पर है, जबकि दिल्ली 86 नंबर पर है।
अनुकूलता, वहन करने में सामर्थय और नियुक्ता की गतिविधियां के आधार पर दोनों शहरों का आकलन
-वहन करने योग्य
1. दिल्ली (73)
2. मुंबई (63)
-अनुकूलता
१. दिल्ली : 28
२. मुंबई : 29
-नियुक्ता गतिविधि
१. दिल्ली : 61
२. मुंबई : 56
- स्टुडेंट्स के लिए ये हैं सबसे बेहतर टॉप 10 शहर
1. मोंट्रीयल, कनाडा
2. पेरिस, फ्रांस
3. लंदन, यूके
4. सोल, दक्षिण कोरिया
5. मेलबोर्न, ऑस्ट्रेलिया
6. बर्लिन, जर्मनी
7. टोक्यो, जापान
8. बोस्टन, अमरीका
9. म्यूनिख, जर्मनी
10. वैनकोवर, कनाडा
टॉप 200 में भारत की एक भी यूनिवर्सिटी नहीं
नई दिल्ली। द टाइम्स हायर एजुकेशन वल्र्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स 2018 मंगलवार को जारी कर दी गई। इन रैंकिंग में भारत की एक भी यूनिवर्सिटी टॉप 200 में भी जगह नहीं बना पाई। रैंकिंग में बेंगलूरु स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (आईआईएस) को शामिल किया गया है, लेकिन उसे २५१-३०० की रैंकिंग के बीच रखा गया है। वहीं, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टैक्नोलोजी बांबे को ३५१-४०० की श्रेणी में रखा गया है।
वल्र्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स २०१८ के अनुसार, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टैक्नोलोजी दिल्ली, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टैक्नोलोजी कानपुर, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टैक्नोलोजी खड़कपुर और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टैक्नोलोजी रुड़की ५०१-६०० की सूचि में जगह बनाने में कामयाब हो गए हैं। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टैक्नोलोजी गुवाहाटी, अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी और बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी ६०१-८०० की लिस्ट में जगह मिली है।
टाइम्स हायर एजुकेशन (टीएचई) ग्लोबल रैंकिंग्स के एडिटोरियल डायरेक्टर फिल बैटी ने कहा कि बढ़ती वैश्विक प्रतियोगिता में भारत की किसी भी यूनिवर्सिटी का टॉप २०० में स्थान नहीं बना पाना निराशाजनक है। यह चिंता का विषय है। दूसरे देशों की यूनिवर्सिटीज की योग्ताआं का असर भी भारत पर पड़ा है। पड़ोसी देश चीन के विश्वविद्यालयों ने भी बेहतर प्रदर्शन किया है। पेकिंग यूनिवर्सिटी पिछले साल २९ स्थान पर थी जो इस साल २७ वें स्थान पर पहुंच गई है। शिन्गुआ यूनिवर्सिटी ने पांच स्थानों का छलांग लगाते हुए ३० पर पहुंच गई है।
फिल ने कहा कि चीन, हांगकांग और सिंगापुर यूनिवर्सिटी पर बहुत पैसा खर्च करते हैं। इस साल तीनों देश के विश्वविद्यालयों ने अपनी रैंकिंग में काफी सुधानर किया है। भारत के विश्वविद्यालयों के प्रदर्शन से निराश बैटी ने हालांकि कहा कि एक सकारात्मक कदम यह देखने को मिला है कि इस साल देश की रिसर्च इनकम और रिसर्च क्वालिटी में सुधार देखने को मिला है। देश की विश्व क्लास यूनिवर्सिटी प्लान से पता चलता है कि वह (भारत) उच्च शिक्षा में निवेश की अहमियत को समझता है।
रैंकिंग में ब्रिटेन के ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय ने पहला स्थान हासिल किया है। यूनिवर्सिटी ऑफ कैंब्रिज ने दो स्थानों की छलांग लगाते हुए दूसरा स्थान हासिल किया है। रैंकिंग्स में अमरीका का दबदबा कायम है। कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टैक्नोलोजी और स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर हैं।

Published on:
28 Sept 2017 10:07 pm
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