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साइंस स्ट्रीम के स्टूडेंट्स के लिए ये कोर्स हैं सबसे बेहतर

हम आपको बता रहे हैं कि आप बेहतर करियर के लिए कौन से कोर्स चुनें सकते हैं और साइंस स्ट्रीम के स्टूडेंट्स को कौन से कोर्स करने चाहिए ।

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जयपुर

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Vikas Gupta

Jun 09, 2018

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हम आपको बता रहे हैं कि आप बेहतर करियर के लिए कौन से कोर्स चुनें सकते हैं और साइंस स्ट्रीम के स्टूडेंट्स को कौन से कोर्स करने चाहिए ।

कई बोर्डों के 10वीं और 12वीं के नतीजे आ चुके हैं और जिन बोर्डों के नतीजे अभी नहीं आए हैं जल्दी ही आ जाएंगे। रिजल्ट के बाद स्टूडेंट्स की सबसे बड़ी समस्या होती है कि वे कौन सा कोर्स चुनें। कौन से कोर्स के बाद नौकरी के कितने विकल्प मौजूद होंगे। इस लिए हम आपको बता रहे हैं कि आप बेहतर करियर के लिए कौन से कोर्स चुनें सकते हैं और साइंस स्ट्रीम के स्टूडेंट्स को कौन से कोर्स करने चाहिए ।

साइंस स्ट्रीम में पढ़ाए जाने वाले विषय फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी (पीसीबी) से 12वीं पास करने बाद आप माइक्रोबायोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी, फार्माकॉलोजी, फिजियोथेरपी, फूड टेक्नोलॉजी, न्यूट्रीशन और एन्वायरमेंट साइंस जैसे क्षेत्रों की पढ़ाई कर सकते हैं व इन्हीं फील्डों में करियर बनाने का विकल्प तलाश सकते हैं।

फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथेमैटिक्स (पीसीएम) से 12वीं करने के बाद आप इंफोर्मेशनल टेक्नोलॉजी, कंप्यूटर एप्लिकेशंस, आर्किटेक्चर, नॉटिकल साइंस, डेटा एनालिटिक्स और न्यूक्लियर फिजिक्स जैसे क्षेत्रों में करियर बना सकते हैं। पीसीएम की पढ़ाई के बाद आप डिफेंस सर्विस में भी जा सकते हैं।

12वीं साइंस से करने के बाद ज्यादातर विद्यार्थी इंजीनियरिंग और एमबीबीएस की करते हैं। इंजीनियरिंग कोर्स की भारी मांग है, लेकिन भारत में इंजीनियरिंग के बाद नौकरी मिलना मुश्किल हो जाता है। डिग्री के साथ आपके पास कम्युनिकेशन स्किल, विषय का साइंस ज्ञान और न्यूमेरिकल एबिलिटी का होना भी जरूरी है। इंजीनियरिंग के क्षेत्र में एनर्जी सेक्टर, डेटा एनालिटिक्स, मैन्युफैक्चरिंग और ऑटो सेक्टर में करियर का विकल्प होता है। ध्यान रखें कि डिग्री के साथ प्रोजेक्ट और इंटर्नशिप भी करें। साथ ही अपने विषयों से जुड़े दूसरे कोर्स भी करें।

बायोलॉजी के छात्रों का एमबीबीएस डॉक्टर बनने का सपना पूरा नहीं हो तो वे आयुर्वेदिक, यूनानी या होम्योपैथिक डॉक्टर बनने का विकल्प भी चुन सकते हैं। ऑडियोलॉजी या स्पीच थेरेपी जैसे क्षेत्रों में भी करियर बनाया जा सकता है। फिजियोथेरपी और ऑक्यूपेशनल थेरपी की भी काफी डिमांड है।

समुद्री विज्ञान में भी करियर बनाने के मौके हैं, जहां नर्सिंग, डेंटिस्ट्री और वेटनरी साइंस के विकल्प हैं। फार्मोकोलॉजी, फोरेंसिक साइंस, एन्वायरमेंटल साइंस, एग्रीकल्चर, हॉर्टिकल्चर, फ्लोरीकल्चर, फूड टेक और न्यूट्रीशन साइंस में भी करियर बनाया जा सकता है।