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UPSC की सिविल सेवा प्री परीक्षा में इतिहास और अर्थशास्त्र विषय का रहा बोलबाला

अधिकतर परीक्षार्थियों का कहना था कि पिछले कुछ सालों की तुलना में इस बार गद्यांश को काफी बड़ा आया था
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Kamal Singh Rajpoot

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Jun 04, 2018

UPSC exam

UPSC की सिविल सेवा प्री परीक्षा में इतिहास और अर्थशास्त्र विषय का रहा बोलबाला

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2018 का आयोजन रविवार 3 जून को किया गया। इस परीक्षा में दो पेपर आए थे, जिसमें सामान्य अध्ययन (GS) के प्रथम प्रश्न पत्र में 100 Question पूछे गए थे, जिसमें ज्यादातर प्रश्न इतिहास और अर्थशास्त्र विषय से आए थे। वहीं GS के दूसरे पेपर में 80 प्रश्नों में सर्वाधिक 50 प्रश्न गणित और गद्यांश पर आधारित थे।

पेपर में आए प्रश्नों की बात करें तो जीएस पहले पेपर में इतिहास के 18, अर्थशास्त्र के 16, राजव्यवस्था के 11, विज्ञान प्रौद्योगिकी, समसामयिकी के 10-10, पर्यावरण प्रौद्योगिकी के आठ, भूगोल के 11, कला संस्कृति और कृषि प्रौद्योगिकी के तीन-तीन और सामान्य विविध के 10 प्रश्न पूछे गए थे। वहीं दूसरे प्रश्न पत्र में गणित के 20, प्रायिकता के 5, सांख्यिकी के 14, रिजनिंग के 16 सवाल पूछे गए थे जबकि 25 प्रश्न गद्यांश पर आधारित थे।

पेपर को लेकर परीक्षार्थियों की ओर से मिली जुली प्रतिक्रिया सामने आई। अधिकतर परीक्षार्थियों का कहना था कि पिछले कुछ सालों की तुलना में इस बार गद्यांश को काफी बड़ा आया था, जिसे पढ़ने में ही काफी समय लगा। कुछ छात्रों ने इस बार के पेपर को पिछली बार से कठिन बताया तो कुछ छात्रों ने इस पेपर ऐवरेज पेपर बताया।

सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2018 में पिछले साल की तुलना में 6,000 कैंडिडेट अधिक बैठे थे। हालांकि रिक्त पदों की संख्या इस बार पिछले वर्ष की तुलना में कम हुई है। पिछले साल संघ लोक सेवा आयोग ने 980 सीटों के लिए परीक्षा आयोजित करवाई थी जबकि इस बार कुल सीटो की संख्या 782 ही है। यानि पिछले बार की तुलना में इस बार 198 सीटे कम हुई है।

सिविल सेवा प्री परीक्षा को संपन्न करवाने के लिए देशभर में 90 सेंटर्स बनाए गए थे। इस एग्जाम को लिए 43,621 अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन करवाया था लेकिन परीक्षा में केवल 48.72 फीसदी छात्र ही शामिल हुए। पहली पारी में 21574 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। पहला पेपर खराब होने एवं अन्य कारणों से 319 परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। दूसरी पारी में 21255 परीक्षार्थियों ने ही परीक्षा दी।