
Vice President Salary and Pension: भारत के उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सोमवार (21 जुलाई 2025) को अपने पद से तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया। अपने इस्तीफे के बारे में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को भेजे पत्र में उन्होंने खराब स्वास्थ्य और चिकित्सकीय सलाह का हवाला देते हुए इस्तीफा दिया है। उनका कार्यकाल 2027 तक था। लेकिन उन्होंने 2 साल पहले ही इस्तीफा दे दिया। सभी संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को एक तय सैलरी और पेंशन मिलती है। क्या आप जानते हैं कि देश के उपराष्ट्रपति को कितनी सैलरी और पेंशन दिया जाता है?
भारत के उप-राष्ट्रपति देश के दूसरे सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन होते हैं। उनका कार्यभार न केवल गरिमामय होता है, बल्कि उन्हें इसके लिए कई प्रकार की सुविधाएं, वेतन और भत्ते भी दिए जाते हैं। भारत सरकार की ओर से उप राष्ट्रपति को प्रतिमाह 4 लाख रुपये का वेतन दिया जाता है। यह वेतन भारत के अन्य शीर्ष संवैधानिक पदों जैसे राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की तुलना में निर्धारित किया गया है। इसके अलावा, उन्हें विभिन्न भत्ते और सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं जो इस वेतन से अलग होती हैं। हालांकि देश में उप-राष्ट्रपति पद के लिए कोई वेतन तय नहीं है, बल्कि उच्च सदन राज्यसभा के सभापति, जो उप-राष्ट्रपति होते हैं के अनुसार सैलरी दी जाती है।
आधिकारिक आवास: उप राष्ट्रपति को लुटियंस जोन में भव्य सरकारी आवास दिया जाता है, जिसका पूरा खर्च सरकार उठाती है।
गाड़ी और सुरक्षा: उन्हें सरकारी गाड़ी और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम दिए जाते हैं।
सचिवीय सहायता: कार्यों में सहायता के लिए सचिवालय स्टाफ और अन्य सहायक कर्मचारी भी उपलब्ध कराए जाते हैं।
मेडिकल सुविधा: सरकारी खर्च पर संपूर्ण स्वास्थ्य सेवा मिलती है।
भत्ता एवं यात्रा सुविधा: उन्हें देश-विदेश की सरकारी यात्राओं के लिए विशेष भत्ते दिए जाते हैं।
सेवानिवृत्ति के बाद भारत के पूर्व उप राष्ट्रपतियों को सैलरी का आधा रुपया पेंशन के रूप में दिया जाता है। जो आज के हिसाब से तकरीबन 1 लाख 50 हजार से 2 लाख रुपया बनता है। हालांकि समय-समय पर यह राशि सरकार द्वारा संशोधित की जा सकती है। इसके अतिरिक्त, उन्हें कुछ अन्य सुविधाएं भी मिलती हैं जैसे, निजी सचिव और सहायक स्टाफ, कार्यालय स्थान, घरेलू हवाई यात्रा की सुविधा, स्वास्थ्य सेवाएं जैसी सुविधाएं।
Published on:
22 Jul 2025 11:22 am
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