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University के वाइस चांसलर और रजिस्ट्रार में से किसकी सैलरी अधिक होती है? डिटेल में जानिए

University के वाइस चांसलर किसी विश्वविद्यालय का प्रमुख होता है, जो यूनिवर्सिटी की सभी शैक्षणिक, प्रशासनिक और फाइनेंसियल गतिविधियों के लिए जिम्मेदार होता है।

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भारत

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Anurag Animesh

Jul 26, 2025

University

Dummy University(AI Generated Image-Gemini)

Vice Chancellor responsibility in university: जब बात किसी विश्वविद्यालय के प्रशासनिक पदों की होती है, तो दो प्रमुख पद सामने आते हैं, वाइस चांसलर (कुलपति) और रजिस्ट्रार। दोनों ही पद विश्वविद्यालय के मैनेजमेंट में अहम भूमिका निभाते हैं, लेकिन इनकी जिम्मेदारियों, अधिकारों और वेतनमान में काफी अंतर होता है।

University में वाइस चांसलर कौन होता है?


वाइस चांसलर किसी विश्वविद्यालय का प्रमुख होता है, जो यूनिवर्सिटी की सभी शैक्षणिक, प्रशासनिक और फाइनेंसियल गतिविधियों के लिए जिम्मेदार होता है। यह पद राज्यपाल (जो राज्य विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति होते हैं) द्वारा नियुक्त किया जाता है। वाइस चांसलर का कार्यकाल आमतौर पर तीन से पांच वर्ष का होता है।

University में रजिस्ट्रार कौन होता है?


रजिस्ट्रार विश्वविद्यालय का प्रशासनिक प्रमुख होता है, जो परीक्षाएं, छात्र रिकॉर्ड, कर्मचारियों की नियुक्ति और विश्वविद्यालय की नीतियों के सही से काम होने की जिम्मेदारी संभालता है। रजिस्ट्रार वाइस चांसलर को रिपोर्ट करता है और उसका कार्यकाल भी निश्चित होता है।

किसकी सैलरी अधिक होती है?


वेतन की बात करें तो वाइस चांसलर की सैलरी रजिस्ट्रार से अधिक होती है। भारत के विभिन्न केंद्रीय और राज्य विश्वविद्यालयों में वाइस चांसलर का मासिक वेतन 2 लाख से 2.25 लाख रुपये के बीच होता है, वहीं रजिस्ट्रार का वेतन 1.44 लाख से 1.82 लाख रुपये प्रति माह के आसपास होता है। इसके अलावा वाइस चांसलर को सरकारी आवास, वाहन, सचिवीय स्टाफ और अन्य भत्ते भी दिए जाते हैं, जो इस पद को और अधिक प्रतिष्ठित बनाते हैं। वहीं रजिस्ट्रार को भी सुविधाएं मिलती हैं, लेकिन उनकी तुलना में सीमित होती हैं।


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