
Akash Ananad and Kapil Mishra
महेंद्र प्रताप सिंह
लखनऊ. (पत्रिका न्यूज नेटवर्क) बहुजन समाज पार्टी (बसपा) BSP की मुखिया मायावती Mayawati ने एक तरह से अपना उत्तराधिकारी चुन लिया है। भतीजे आकाश आनंद Akasha Ananad को उन्होंने पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी दे दी है। मायावती के बाद बसपा में नंबर टू सतीश चंद्र मिश्रा Satish chandra Mishra ने अपने उत्तराधिकारी को आगे बढ़ाना शुरू कर दिया है। सतीश चंद्र मिश्रा के इकलौते बेटे एडवोकेट कपिल मिश्रा Kapil Mishra इन दिनों अपने पिता के साथ साये की तरह रहते हैं और जगह-जगह प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन (ब्राह्मण सम्मेलन) को संबोधित कर रहे हैं।
बसपा यूपी में ब्राह्मण कार्ड खेल रही है। इस अभियान में बसपा सांसद सतीश चंद्र मिश्रा का परिवार अहम भूमिका निभा रहा है। मिश्रा अब तक यूपी के ५० से अधिक जिलों में ब्राह्मणों पर केंद्रित सभाओं को संबोधित कर चुके हंै, वहीं उनकी पत्नी कल्पना मिश्रा भी ब्राह्मण समुदाय की महिलाओं की सभाओं को संबोधित कर रही हैं। मिश्रा दंपति के बाद अब उनके इकलौते बेटे कपिल मिश्रा भी 'जीत-ब्राह्मण' अभियान में उतर गए हैं। कपिल मिश्रा जगह-जगह प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन (ब्राह्मण सम्मेलन) को संबोधित कर रहे हैं, जहां उन्होंने युवाओं से बसपा को वोट देने और अपनी बुआ को पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनाने का आग्रह कर रहे हैं।
नामी वकील हैं कपिल मिश्रा
सतीश चंद्र मिश्रा के बेटे कपिल मिश्र अपने पिता की ही तरह एक जाने माने वकील हैं। वह एक दशक से ज्यादा समय से वकालत के पेशे से जुड़े हुए हैं। नोएडा के एमिटी विश्वविद्यालय से उन्होंने कानून की पढ़ाई की है। मायावती की सहमति के बाद वह २०२१ के विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे हैं। माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में मायावती ३५ साल के कपिल मिश्रा को लखनऊ की किसी सीट से उम्मीदवार बना सकती हैं। सतीश मिश्रा के साथ ब्राह्मण सम्मेलन के हर मंच पर कपिल मिश्रा दिखायी देते हैं। सतीश मिश्रा के कुल पांच बच्चों में ४ बेटियां और एक बेटा कपिल हैं। फिलहाल, सतीश मिश्रा का परिवार कपिल मिश्रा के लिए किसी भी सियासी महत्वाकांक्षा से इनकार करता रहा है लेकिन सतीश मिश्रा के बाद पत्नी कल्पना मिश्रा और बेटे कपिल मिश्रा का सियासत में सक्रिय होना बसपा में किसी बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
आकाश आनंद के बारे में भी जानिए
आकाश आनंद मायावती के छोटे भाई आनंद कुमार के पुत्र हैं। ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ प्लाईमाउथ से एमबीए डिग्री धारी 2६ साल के आकाश शायद यूपी में सबसे कम उम्र के नेता हैं। 2015 में पढ़ाई खत्म कर देश लौटे आकाश पहली बार अपनी बुआ मायावती के साथ वर्ष 2016 में विधानसभा चुनाव से पूर्व सहारनपुर में एक रैली में दिखे थे। इसके बाद 2017 में मेरठ में एक चुनावी सभा में उन्होंने बुआ के साथ मंच साझा किया था। इस बीच आकाश की सक्रिय राजनीति में एंट्री से लेकर मायावती के उत्तराधिकारी के तौर पर कई कयास राजनीतिक गलियारों में लगते रहे। हालांकि अभी तक कोई ठोस बात सामने नहीं आई। आकाश बसपा की सोशल मीडिया विंग को संभालते हैं।
कपिल बोलते हैं पिता को राखी बांधती हैं बुआ मायावती
कपिल मिश्रा जनसभाओं में कह रहे हैं "मुझे किसी पद की आवश्यकता नहीं है। मेरे लिए इतना ही काफी है कि मैं सतीश चंद्र मिश्रा का पुत्र और मायावती का भतीजा हूं। मेरे परिवार और मुझे पिछले 20 वर्षों से मायावती का प्यार और आशीर्वाद मिला है। मेरी इच्छा है कि मैं देखूं कि मेरी 'बुआ' पांचवीं बार मुख्यमंत्री बने।"
आरक्षण के मुद्दे पर बीजेपी भी हमला
कपिल मिश्रा ने सम्मेलनों में भाजपा सरकार पर भी खूब हमला बोल रहे हैं। वे कह रहे हैं कि भाजपा ने सब कुछ निजी हाथों में बेच दिया है। जब ये सरकारी इकाइयां नहीं होंगी, तो आरक्षण और नौकरियों के अस्तित्व को अच्छी तरह से समझा जा सकता है।
सतीश चंद्र मिश्रा भी कर रहे प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन
सतीश चंद्र मिश्रा भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर हमलावर हैं। वे कह रहे हैं कि इनके लोग पहले वोट मांगते हैं और फिर भगवान श्री राम के नाम पर नोट मांगते हैं। वे कहते हैं एक तरफ बीजेपी भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बनाने का दावा करती है, दूसरी तरफ भगवान राम के नाम पर जमीन का सौदा करती है।
सपा सरकार ने राजाराम पांडे का अपमान किया
सतीश मिश्रा हर सम्मेलन में भाजपा के साथ-साथ समाजवादी पार्टी को भी घेर रहे हैं। उनका कहना है कि भाजपा सरकार सपा की नीतियों की नकल करती है। जबकि, सपा सरकार में ब्राह्मण समुदाय उत्पीडि़त महसूस कर रहा था । अब वही समुदाय भाजपा के शासन में भी दबाव का सामना कर रहा है। सपा सरकार के मुखिया ने अपने मंत्री राजाराम पांडे को अपमानित किया था। "जिसके बाद उनका दिल का दौरा पडऩे से निधन हो गया। जब भी सपा सरकार सत्ता में आई, दंगे और हत्याएं हुईं है।"
16 प्रतिशत ब्राह्मण एकजुट हों
"सोलह प्रतिशत ब्राह्मण समुदाय की आबादी है जो कम नहीं है। एक बार जब आप सभी एकजुट हो जाएंगे तो आपको अपमानित नहीं किया जाएगा। सीट जीतने के लिए आपको प्रतिशत बढ़ाना होगा। इसी तरह, 23 प्रतिशत दलित, मुस्लिम और समाज में पिछड़ी जाति के लोग हैं। उनके साथ भाईचारा करें, और बहुमत के साथ अपनी सरकार बनाएं।"
Updated on:
06 Sept 2021 07:23 pm
Published on:
06 Sept 2021 06:12 pm
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