
मोख्तार अंसारी और अशोक सिंह
वाराणसी. पूर्वांचल की बहुचर्चित विधानसभा सीट पर इस बार अगर सपा-सुहेलदेव भारतीय समाज गठबंधन से बांदा जेल में बंद बाहुबली मोख्तार अंसारी मैदान में उतरेंगे तो उनका मुकाबला उनके बीजेपी के अशोक सिंह से होगा। अशोक सिंह को टिकट देकर बीजेपी ने बड़ी चाल चल दी है। मुकाबले का परिणाम क्या होगा ये तो 10 मार्च को पता चलेगा पर इतना जरूर कहा जा सकता है कि लड़ाई रोचक व कांटे की हो सकती है।
मोख्तार के जानी दुश्मन हैं अशोक सिंह
मऊ, पूर्वांचल ही नहीं बल्कि सूबे की बहुचर्चित विधानसभा सीट है। इस बहुचर्चित सीट पर बीजेपी ने बड़ा दांव खेला है। इस प्रतिष्ठापरक सीट पर मोख्तार अंसारी के खिलाफ अशोक सिंह को उतारा है। जानकारी के मुताबिक अशोक सिंह, ठेकेदार भाई मन्ना सिंह के भाई हैं। वो मन्ना सिंह जिनकी हत्या कर दी गई थी और हत्याकांड में मुख्य आरोपी मोख्तार अंसारी को बनाया गया था। ये दीगर है कि इस केस में गवाहों और साक्ष्य के अभाव में मोख्तार अंसारी बरी हो चुके हैं। लेकिन दोनों के बीच (मोख्तार अंसारी और अशोक सिंह) की दुश्मनी अभी भी ताजा है।
ऐसे में अशोक सिंह के बीजेपी से प्रत्याशी घोषित होने के बाद दोनों के बीच मुकाबला काफ़ी दिलचस्प हो गया है। राजनीति विश्लेषकों की मानें तो मुकाबला कड़ा हो सकता है क्योंकि इन दोनों के मुकाबले में अशोक सिंह को सहानुभूति वाले वोट मिल सकते है। इस तरह से अशोक सिंह को जनता की अदालत में एक और मौका मिला है अपने भाई की हत्या का हिसाब चुकाने का।
इस बीच सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने कहा है कि मऊ सीट से मोख्तार चुनाव लड़ेंगे या उनके बेटे अब्बास ये उनके परिवार को तय करना है पर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी गठबंधन से मऊ सीट मोख्तार के नाम होगी।
Published on:
12 Feb 2022 06:22 pm
बड़ी खबरें
View Allचुनाव
ट्रेंडिंग
