27 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

up assembly election 2022: वाराणसी से बीजेपी, सहयोगी पार्टी अपना दल (एस) को दे सकती है जोर का झटका

up assembly election 2022 चुनाव अब अपने चरम पर पहुंच गया है। तीन दिन बाद पहले चरण के लिए मतदान होना है तो सातवें व अंतिम चरण के लिए नामांकन दाखिले की कार्रवाई शुरू होने में भी कुछ ही दिन रह गए हैं। ऐसे में बीजेपी ने सातवें व अंतिम चरण में वाराणसी में होने वाले वाले मतदान के लिए छह सीटों की खातिर अपने प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर दी है। इसमें से पिंडरा सीट को लेकर अपना दल ने नाराजगी जताई है। अब अपना दल को एक और बड़ा झटका दे सकती है बीजेपी।

2 min read
Google source verification
पीएम नरेंद्र मोदी और अनुप्रिया पटेल

पीएम नरेंद्र मोदी और अनुप्रिया पटेल

वाराणसी. up assembly election 2022 चुनाव अब चरम पर पहुंच गया है। अब तो सातवें व अंतिम चरण के लिए सात मार्च को होने वाले मतदान के लिए नामांकन दाखिले की प्रक्रिया भी जल्द ही शुरू हो जाएगी। ऐसे में बीजेपी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र की आठ में से छह सीटों के प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर दी है। उम्मीद जताई जा रही है कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस भी एक-दो दिन में अपने पत्ते खोल देगी। इस बीच बीजेपी ने अपने गठबंधन के साथी अपना दल (सोनेलाल) को एक झटका तो दे ही दिया है। सूत्र बताते हैं कि अभी एक और जोर का तगड़ा झटका अपना दल (सोनेलाल) को और मिल सकता है।

बता दें कि 2017 के विधानसभा चुनाव में वाराणसी की आठ में से छह सीटों पर बीजेपी और सहयोगी दलों ने कब्जा जमाया था। इसमें से एक सीट अजगरा सुरक्षित सीट रही जो सुभासपा के खाते में तो दूसरी सेवापुरी अपना दल के खाते में गई थी। लेकिन बीजेपी ने अजगरा से तो बीएसपी से बीजेपी में आए पूर्व विधायक त्रिभुवन राम को दे दी है। वहीं अब रोहनिया और सेवापुरी सीट पर अभी तक प्रत्याशी की घोषणा नहीं हुई है।

ये भी पढें- up assembly election 2022: भाजपा प्रत्याशियों की सूची जारी होते ही अपना दल (एस) नाराज

बीजेपी के प्रत्याशी घोषणा के तत्काल बाद अपना दल ने पिंडरा में प्रत्याशी उतारे जाने को लेकर गहरी नाराजगी जताई है। दरअसल बताया ये जा रहा है कि पिंडरा से अपना दल के कार्यकारी अध्यक्ष आशीष पटेल खुद चुनाव मैदान में उतरना चाहते रहे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक इस बात पर बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व संग हुई अपना दल के शीर्ष नेतृत्व की बातचीत में बात तय भी हो गई थी। लेकिन बीजेपी वादे से मुकर गई।

ये भी पढें- up assembly election 2022: वाराणसी सहित पूर्वांचल में पुराने चेहरों के जरिए BJP की सोशल इंजीनियरिंग

अब जो चर्चा राजनीतिक गलियारों में चल रही है या बीजेपी के अंदरखाने से जो बातें छन कर आ रही हैं, उसके तहत बीजेपी, अपने गठबंधन सहयोगी अपना दल को एक और जोर का झटका दे सकती है। इसके तहत ये भी आशंका जताई जा रही है कि बीजेपी इस बार अपना दल को वाराणसी से एक भी सीट न दे। तर्क ये दिया जा रहा है कि बीजेपी प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र से किसी दूसरे को सीट देने को तैयार नहीं है। ऐसे में पिंडरा तो गई ही, अब सेवापुरी भी छिन सकती है। साथ ही रोहनिया सीट भी बीजेपी अपने पास ही रखना चाहेगी।