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up assembly election 2022: वाराणसी सहित पूर्वांचल में पुराने चेहरों के जरिए BJP की सोशल इंजीनियरिंग

up assembly election 2022 के छठवें व सातवें चरण में होने वाले मतदान के लिए BJP ने रविवार देर रात प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है। इसमें ज्यादातर वाराणसी सहित पूर्वाचंल के अन्य जिलों के मौजूदा विधायकों पर ही भरोसा जताया गया है। हालांकि बीजेपी ने इस 45 प्रत्याशियों की सूची में सोशल इंजीनियरिंग का पुट भी साफ दिखाई दे रहा है।

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बीजेपी फ्लैग

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वाराणसी. up assembly election 2022 के लिए बीजेपी ने रविवार देर रात 45 प्रत्याशियों की सूची जारी की। इसमें पूर्वांचल के छठवें व सातवें चरण में होने वाले मतदान से जुड़ी सीटों के प्रत्याशियों के नाम हैं। हालांकि इस सूची में बीजेपी ने ज्यादातर मौजूदा विधायकों पर ही भरोसा जताया है। साथ ही जातीय समीकण साधने का भी पूरा प्रयास किया गया है।

आठ में से छह पर प्रत्याशी घोषित
वाराणसी की बात करें तो बीजेपी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र की आठ में से छह सीटों के लिए ही प्रत्याशी घोषित किए हैं। इस सूची में 2017 के विजेता विधायकों में से पांच को दोबारा मौका दिया गया है। अजगरा सुरक्षित सीट जो 2017 में बीजेपी-सुभासपा गठबंधन के तहत सुभासपा के खाते में थी वहां से बहुजन समाज पार्टी से बीजेपी में शामिल पूर्व विधायक त्रिभुवन राम को टिकट दिया गया है। बता दें कि त्रिभुवन राम को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं कि उन पर पार्टी के उम्र का फारमूला लागू हो सकता है। ऐसे में उनके सुभासपा में जाने की अटकलें भी लगाई जा रही थीं। लेकिन बीजेपी नेतृत्व ने उन तमाम अटकलों पर अब विराम लगा दिया है। बता दें कि त्रिभुवन राम 2012 में हुए परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई अजगरा सीट से बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर विधायक चुने गए थे।

वाराणसी की शहरी सीटों पर मौजूदा विधायकों पर भरोसा कायम
इसके अलावा बीजेपी ने वाराणसी शहर की तीनों सीटों से 2017 के विजेता विधायकों, शहर उत्तरी से रवींद्र जायसवाल, शहर उत्तरी से डॉ नीलकंठ तिवारी और कैंट विधानसभा सीट से सौरभ श्रीवास्तव पर भरोसा जताया है। वहीं पिंडरा विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ अवधेश राय को फिर से टिकट दिया है। साथ ही पार्टी ने अपने राजभर चेहरा अनिल राजभर को शिवपुर विधानसभा सीट से टिकट देकर भरोसा कायम रखा है। अभी सेवापुरी और रोहनिया सीट के प्रत्याशी की घोषणा नहीं की गई है। माना जा रहा है कि ये दोनों ही सीट अपना दल (एस) के खाते में जाएगी।

पिंडरा सीट विवादों में

वैसे सेवापुरी सीट पिछली बार यानी 2017 के चुनाव में अपना दल एस के खाते में थी। वहां से नील रतन पटेल नीलू जीते थे। वहीं रोहनिया सीट बीजेपी के खाते में थी और सुरेंद्र नारायण सिंह विधायक हैं। अब ये दोनों सीट गठबंधन की सहयोगी पार्टी अपना दल को दिए जाने की चर्चा है। हालांकि सूची जारी होते ही अपना दल (एस) पिंडरा सीट पर बीजेपी के प्रत्याशी उतारे जाने पर नाराजगी जाहिर की है और दावा किया है कि इस मुद्दे पर भाजपा शीर्ष नेतृत्व से दोबारा बात की जाएगी।

ये भी पढें- up assembly election 2022: भाजपा प्रत्याशियों की सूची जारी होते ही अपना दल (एस) नाराज

जातीय समीकरण पर पूरा ध्यान
भाजपा ने प्रत्याशी चयन में जातीय समीकरण का पूरा ध्यान रखा है। बलिया से भदोही तक के टिकट चयन में ब्राह्मण, राजपूत, भूमिहार, पिछड़ी जाति के साथ दलित प्रत्याशियों का ख्याल रखा गया है। 45 सीटों पर सात महिला प्रत्याशी हैं। बलिया, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, चंदौली, भदोही, मिर्जापुर और वाराणसी की तीन सुरक्षित सीटों पर प्रत्याशी घोषित किए गए हैं। इसके अलावा पिछड़ी जाति के सात, छह ब्राह्मण, दो भूमिहार, तीन राजपूत और एक कायस्थ को मौका दिया गया है।

इन विधायकों की बढ़ी धुकधुकी
वाराणसी की रोहनिया, सेवापुरी के अलावा मिर्जापुर की छानबे, मझवां, भदोही की ज्ञानपुर, चंदौली की पीडीडी यूनगर और चकिया, गाजीपुर की सैदपुर, जहूराबाद, जमनिया, जौनपुर की बदलापुर, जफराबाद सहित कई सीटों पर दावेदारों की धुकधुकी बढ़ गई है। हालांकि छानबे भी पिछली बार अपना दल एस के पास थी। मगर, बची सीटों पर अब सबकी निगाहें टिकी हैं।

अब कांग्रेस व समाजवादी पार्टी पर बढ़ा दबाव
बीजेपी की सूची जारी होने के बाद अब विपक्षी दलों खास तौर पर कांग्रेस व समाजवादी पार्टी पर प्रत्याशी चयन का दबाव बढ़ गया है। कांग्रेस ने पिंडरा से पूर्व विधायक अजय राय और रोहनिया से जिलाध्यक्ष राजेश्वर पटेल को प्रत्याशी बनाया है। ऐसे ही सपा गठबंधन ने केवल शिवपुर से सुभासपा के अरविंद राजभर को उतारा है। इसके अलावा बसपा ने एक भी सीट पर पत्ते नहीं खोले हैं।