West Bengal Assembly Elections 2021: डायमंड हार्बर में इस बार ममता बनर्जी को भाजपा के अलावा संयुक्त मोर्चा से भी मिल रही टक्कर

इस क्षेत्र के अंतर्गत सात विधानसभा सीटें आती हैं और यहां तृणमूल को अब तक बढ़त मिलती रही है, मगर इस चुनाव में भाजपा के अलावा माकपा-कांग्रेस-आईएसएफ का गठबंधन भी ममता बनर्जी के लिए मुसीबत बना हुआ है।

 

By: Ashutosh Pathak

Published: 05 Apr 2021, 07:44 AM IST

नई दिल्ली।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव (West Bengal Assembly Elections 2021) के तीसरे चरण की वोटिंग कल यानी 6 अप्रैल को होगी। इससे पहले के दो चरणों में कुछ हिंसक घटनाओं के बीच 80 प्रतिशत से अधिक मतदान हुआ। अब तक दो चरणों में 60 विधानसभा सीटों के लिए वोट डाले जा चुके हैं, जबकि सात चरणों की वोटिंग बाकी है।

ममता को डायमंड हार्बर में अपनी पकड़ खोने का डर सता रहा
वहीं, राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र की सात विधानसभा सीटों को अपने कब्जे में करने के लिए कड़ी मशक्कत कर रही है। फिलहाल डायमंड हार्बर लोकसभा सीट से ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक सांसद हैं। उन्होंने यहां से करीब तीन लाख 20 हजार वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी। बहरहाल, भाजपा का जिस तरह पूरे राज्य में जनाधार बढ़ा है और तमाम योजनाओं में जिस तरह तृणमूल का नाम भ्रष्टाचार में सामने आया है, उसको देखते हुए ममता बनर्जी को यह सीट खोने का डर सता रहा है।

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वामदलों के नेतृत्व वाले संयुक्त मोर्चा की पकड़ भी तेज
यही नहीं, इस चुनाव में वामदलों के नेतृत्व वाले संयुक्त मोर्चा की पकड़ भी तेज हुई है। वह न सिर्फ तीसरी ताकत के रूप में उभरा है बल्कि, माक्र्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और पीरजादा अब्बास सिद्दीकी की इंडियन सेक्युलर फ्रंट यानी आईएसएफ के कार्यकर्ता भी अपने-अपने उम्मीदवारों की जीत के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।

सात विधानसभा क्षेत्र और अल्पसंख्यक वोटर ज्यादा
बता दें कि डायमंड हार्बर लोकसभा सीट के अंतर्गत सात विधानसभा क्षेत्र आते हैं। इसमें ममता तृणमूल कांग्रेस को मुस्लिम बहुल मटियाबुर्ज और बज-बज में बढ़त मिली थी। वहीं, महेशटाला, बिष्णुपुर, सतगछिया, फाल्टा, और डायमंड हार्बर में भी यह पार्टी आगे रही है। इन सभी सीटों पर अल्पसंख्यक समुदाय की आबादी अधिक है।

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माकपा के 4, कांग्रेस के 2 और आईएसएफ का एक प्रत्याशी
इस चुनाव डायमंड हार्बर की सभी विधानसभा सीटों पर तृणमूल कांगे्रस को भाजपा के साथ-साथ माकपा से भी कड़ी टक्कर मिल रही है। माकपा ने डायमंड हार्बर, सतगछिया, बिष्णुपुर और महेशटाला विधानसभा सीट पर अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे हैं। वहीं, संयुक्त मोर्चा गठबंधन के तहत कांगे्रस के खाते में बज-बज और फाल्टा सीट आई है, जबकि आईएसएफ ने मटियाबुर्ज विधानसभा सीट से अपना प्रत्याशी खड़ा किया है।

तृणमूल कांग्रेस पर लगे हैं भ्रष्टाचार के आरोप
डायमंड हार्बर के कई विधानसभा सीट के इलाके पिछले साल मई में आए अम्फान तूफान से प्रभावित हुए थे। यहां लोगों को राहत सामग्री बांटने के लिए केंद्र से मदद दी गई, जिसमें काफी अनियमितता सामने आई और तृणमूल कांग्रेस से जुड़े कुछ नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे। मामला बढ़ा तो कलकत्ता हाईकोर्ट और महानियंत्रक एवं महालेखाकार यानी कैग से ऑडिट कराने का आदेश भी जारी हुआ। तमाम भाजपा नेता इस बार चुनाव प्रचार में इस मुद्दे को जोरशोर से उठा रहे हैं, जबकि राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सफाई पेश करती दिख रही हैं।

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आठ चरणों में मतदान, 2 मई को नतीजे
बता दें कि राज्य में कोरोना महामारी को देखते हुए इस बार आठ चरणों में वोटिंग होनी है। पहले चरण की वोटिंग गत 27 मार्च को थी, जबकि दूसरे चरण की वोटिंग 1 अप्रैल को हुई। अब तीसरे चरण की वोटिंग कल यानी 6 अप्रैल को होगी। वहीं, चौथे चरण के लिए चौथे चरण के लिए 10 अप्रैल को, पांचवे चरण के लिए 17 अप्रैल को, छठें चरण के लिए 22 अप्रैल को, सातवें चरण के लिए 26 अप्रैल को और आठवें चरण के लिए 29 अप्रैल को वोटिंग होगी। नतीजे 2 मई को घोषित होंगे।

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