
Uttar Pradesh Assembly Election 2022: सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज की रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में 4000 करोड रुपए खर्च होने का अनुमान है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चुनाव आयोग की ओर से निर्धारित की गई खर्च की सीमा से अधिक राजनीतिक पार्टियां और प्रत्याशी पैसे खर्च करते हैं। चुनाव में तमाम तरह के खर्चों का विवरण चुनाव खर्च के लिए निर्धारित राशि में नहीं जोड़ा जाता है, जिसके चलते प्रत्याशियों द्वारा खर्च में दिखाई गई राशि से कई गुना ज्यादा पैसा चुनाव में खर्च होता है। इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता है कि चुनाव में दो नंबर के पैसे का भी प्रयोग किया जाता है। चुनाव आयोग से छिप के पैसे खर्च करने के कई तरीके हैं जिन्हे उत्तर प्रदेश के राजनीत प्रयोग में लाते हैं। राजनेता नोटे के बदले नोट के लिए पैसे बांटतें है जो चोरी छिपे किया जाता है चुनाव में पुत्याशी द्वारा खर्च किया गया ये पैसे रिकॉर्ड में नहीं होता है। पत्याशी द्वार लोकल नेता को वोट दिलाने के लिए पैसे दिए जाते हैं जिसका भी रिकॉर्ड नहीं नही होता है। इन खर्त के लिए दो नंबर के पैसे का प्रयोग किया जाता है।
क्या कहते हैं आकड़ें
चुनाव आयोग की तमाम तरह की निगरानी के बावजूद भी राजनीतिक पार्टियां और प्रत्याशी खर्च के रास्ते निकाल ही लेते हैं। मतदाताओं को लुभाने के लिए चुनाव के दौरान खर्च होने वाला तमाम पैसा ऐसा होता है जिसका कोई हिसाब किताब ही नहीं होता है। 2017 के विधानसभा चुनाव की बात करें तो एक रिपोर्ट में दावा किया है कि पिछले विधानसभा चुनाव में 5500 करोड़ रुपए खर्च किए गए। जिसमें से एक हजार करोड़ रुपए नोट के बदले वोट के लिए दिए गए। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में पूरे देश में लगभग 60000 करोड रुपए का खर्च हुआ था वहीं वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में 30000 करोड रुपए खर्च करने का दावा है।
पैसा खर्च करने में नंबर एक पर बीजेपी
Uttar Pradesh Assembly Election 2022: वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद रिपोर्ट में यह दावा किया गया था कि पूरे देश में सबसे ज्यादा पैसा खर्च करने में पहले नंबर पर बीजेपी है। हालांकि ये पार्टी द्वारा घोषित खर्च के आधार पर कहा गया है। भारतीय जनता पार्टी ने वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में 27000 करोड रुपए पूरे देश में खर्च किए थे। चुनाव में कुल खर्च का बीजेपी का खर्च 45% था। वर्ष 2019 को अब तक के सबसे महंगे चुनाव के तौर पर देखा जाता है।
खर्च की सीमा
चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के लिए चुनाव आयोग की ओर से खर्च करने की सीमा निर्धारित की जाती है। नई खर्च सीमा के तहत विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी 4000000 रुपए तक खर्च कर सकते हैं। पहले यह सीमा 2800000 रुपये तक थी जिसे बाद में बढ़ाया गया। वहीं, लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी 9500000 रुपए तक खर्च कर सकते हैं पहले यह सीमा 7000000 रुपये थी।
Updated on:
06 Mar 2022 11:41 am
Published on:
06 Mar 2022 11:37 am
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