scriptGorakhpur assembly constituency seat 2022 Yogi Adityanath Gorakhnath mandir and other factors which effect UP Election 2022 | UP Election 2022: छठां चरण- योगी आदित्यनाथ के लिए गोरखपुर सदर सुरक्षित घरेलू सीट, मगर... | Patrika News

UP Election 2022: छठां चरण- योगी आदित्यनाथ के लिए गोरखपुर सदर सुरक्षित घरेलू सीट, मगर...

UP Election 2022 के छठवें चरण में होना है गोरखपुर में मतदान। इस महासमर के लिए बीजेपी ने सारी अटकलों पर विराम लगाते हुए सबसे पहले योगी आदित्यनाथ को गोरखपुर सदर से प्रत्याशी घोषित किया है। ये सीट गोरखनाथ मंदिर के प्रभाव क्षेत्र में मानी जाती है जहां के महंत खुद योगी आदित्यनाथ हैं। इस सीट पर 1989 से बीजेपी का कब्जा है। यहां तक कि योगी की मनमर्जी के खिलाफ भाजपा भी यहां से किसी और को जीत नहीं दिला सकी है। तो जानते हैं क्या है इस सीट का समीकरण...

वाराणसी

Published: January 26, 2022 05:33:01 pm

वाराणसी. उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के लिए नामांकन का दौर चल रहा है। हालांकि अभी चुनावी बयार पश्चिमी यूपी की ओर ही है। पूर्वांचल में कायदे से छठें चरण से बजेगा बिगुल। इस छठें चरण की हॉट सीट हो गई है गोरखपुर सदर विधानसभा सीट। वजह भाजपा ने इस सीट से योगी आदित्यनाथ को उम्मीदवार बनाया है। माना जाता है कि यह सीट गोरखनाथ मंदिर के प्रभाव क्षेत्र की है और मंदिर का आशीर्वाद जिसे मिलेगा उसी के सिर जीत का सेहरा बंधेगा। इस गोरखनाथ मंदिर के महंत खुद योगी आदित्यनाथ हैं, इस लिहाज से ये सीट उनके लिए सबसे सुरक्षित व हर मायने में मुफीद मानी जा रही है। लेकिन इसी बीच आजाद समाज पार्टी ने चंद्रशेखर आजाद को मैदान में उतार दिया है। चंद्रशेखर की इस चाल को योगी आदित्यनाथ को घेरने की कोशिश के रूप में लिया जा रहा है। इसके अलावा अभी तक किसी अन्य विपक्षी दल की ओर से प्रत्याशी का ऐलान नहीं हुआ है।
योगी आदित्यनाथ
योगी आदित्यनाथ
अजेय डॉ राधा मोहन अग्रवाल की जगह योगी
यूं तो गोरखपुर सदर सीट की कहानी भी योगी आदित्यनाथ के इर्द-गिर्द ही घूमती है। ये वही सीट है जहां योगी आदित्यनाथ ने 2002 के चुनाव में हिंदू महासभा से डॉ राधामोहन दास अग्रवाल को भाजपा प्रत्याशी शिव प्रताप शुक्ल के खिलाफ लड़ा कर फतह हासिल कराई थी और ये साबित किया इस क्षेत्र में उनकी मर्जी के बिना पत्ता भी नहीं हिलता। वही डॉ अग्रवाल बाद में भाजपा में शामिल हुए और 2007,2012 और 2017 में हुए विधानसभा चुनावों में जीत हासिल करते आ रहे हैं। अब कहा ये जा रहा है कि डॉ अग्रवाल को अपने राजनीतिक गुरु योगी आदित्यनाथ के लिए खुद का बलिदान देना पड़ा है।
चार बार से अजेय विधायक डॉ अग्रवाल की भूमिका
राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो डॉ राधा मोहन अग्रवाल कहने को योगी आदित्यनाथ के राजनीतिक शिष्य हैं। गोरखपुर में वो हर वर्ग में लोकप्रिय भी हैं। सभी के साथ सामंजस्य बिठा कर चलते हैं। उनके फैन फालोवर्स की अच्छी खासी तादाद है। वो फैन जो डॉ अग्रवाल का टिकट कटने से मायूस हैं। ऐसे में राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि योगी आदित्यनाथ टीम को डॉ अग्रवाल के फैन फालोवर्स पर पैनी निगाह रखनी होगी, अन्यथा भितरघात की आशंका से इंकार नहीं किया सकता। ऐसे मं भितरघात की आशंका इस अति सुरक्षित सीट पर भी योगी आदित्यनाथ के लिए चिंता का सबब हो सकती है।
सुभावती शुक्लानिष्ठावान नेता उपेंद्र शुक्ल परिवार का सपा से जुड़ना चैलेंजिंग फैक्टर
भाजपा ही नहीं जनसंघ के काल से पार्टी के लिए पूरी तरह से समर्पित गोरखपुर क्षेत्र की राजनीति के ब्राह्मण चेहरा माने जाने वाले भाजपा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष और गोरखपुर के क्षेत्रीय अध्यक्ष रह चुके स्व. उपेंद्र दत्त शुक्ला की पत्नी सुभावती शुक्ला का सपा से जुड़ना गोरखपुर की सियासत के लिए बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि सुभावती, योगी आदित्यनाथ के खिलाफ सपा के टिकट पर मैदान में उतर सकती हैं। अगर ऐसा होता है तो हाता के ब्राह्मण (हरिशंकर तिवारी) खेमा जो पहले से सपा के साथ हो चुका है उसका पूरा समर्थन तो होगा ही, साथ में भाजपा के ब्राह्मण जो उपेंद्र शुक्ल को दिल से पसंद करते थे उनकी भूमिका महत्वपूर्ण हो जाएगी। वैसे भी हरिशंकर तिवारी के यहां छापेमारी से स्थानीय ब्राह्मण नाराज हैं। ऐसे में योगी आदित्यनाथ के क्षेत्रीय ब्राह्मण मतों को अपने पाले में सहेजे रखना भी कम महत्वपूर्ण नहीं है। क्षेत्रीय राजनीतिक पंडितों का कहना है कि चाहे विधानसभा का चुनाव रहा हो या 2018 का संसदीय चुनाव उपेंद्र की हार के पीछे योगी लॉबी का बड़ा हाथ रहा। कहा तो यहां तक जा रहा है कि उपेंद्र की बीमारी और उनके निधन के बाद भी योगी आदित्यनाथ की भूमिका क्षेत्र क्या पूरे गोरखपुर-बस्ती मंडल के ब्राह्मणों को नागवार गुजरी थी। ऐसे में अगर सुभावती शुक्ला सपा के टिकट पर योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मैदान में उतरती हैं तो लड़ाई दिलचस्प हो जाएगी।
चंद्रशेखर चंद्रशेखर भी अच्छा चुनाव लड़ेंगे

राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो आजाद समाज पार्टी के उम्मीदवार चंद्रशेखर आजाद भी यहां अच्छी लड़ाई लड़ेंगे। वजह इस विधानसभा क्षेत्र में झुग्गी झोपड़ी वालों की अच्छी खासी तादाद है, जिसे चंद्रशेखर अपने पाले में कर सकते हैं। साथ ही अगर वह अदर कास्ट के वोट भी वोटरों को भी रिझाने में कामयाब हो गए तो मुख्य लड़ाई में आना तय है।
कांग्रेस व बसपा ने नहीं खोले हैं पत्ते
अभी तक कांग्रेस व बसपा ने अपन पत्ते अभी तक नहीं खोले हैं। वजह चाहे जो हो पर राजनीतिक पंडितों की निगाह भी कांग्रेस की ओर लगी है कि वो किसे मैदान में उतारती है। वहीं बसपा अगर मजबूत प्रत्याशी लाती है तो योगी आदित्यनाथ के लिए काफी आसान हो जाएगा क्योंकि तब दलित वोटों में बंटवारा होना तय है।
जातीय समीकरण के लिहाज से आप दे सकती है दमदार प्रत्याशी
गोरखपुर सदर सीट से आम आदमी पार्टी भी जातीय समीकरण को साधने के लिहाज से विजय श्रीवास्तव के रूप में मजबूत प्रत्याशी उतार सकती है। बता दें कि गोरखपुर सदर क्षेत्र में कायस्थ मतदाताओं की संख्या सर्वाधिक है। ऐसे में आप आदमी पार्टी के भी अच्छा चुनाव लड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
गोरखपुर सदर के वोटर
गोरखपुर सदर सीट पर करीब 4.50 लाख वोटर हैं, जिनमे सबसे अधिक कायस्थ वोटर की संख्या है। यहां कायस्थ 95 हजार, ब्राहम्ण 55 हजार, मुस्लिम 50 हजार, क्षत्रिय 25 हजार, वैश्य 45 हजार, निषाद 25 हजार, यादव 25 हजार, दलित 20 हजार इसके अलावा पंजाबी, सिंधी, बंगाली और सैनी कुल मिलाकर करीब 30 हजार वोटर हैं। लेकिन सभी जातियों के वोटर चुनाव में जाति को देखकर नहीं बल्कि गोरखनाथ मंदिर यानी योगी आदित्यनाथ के नाम पर वोट देते हैं।

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

Trending Stories

किसी भी महीने की इन तीन तारीखों में जन्मे बच्चे होते हैं बेहद शार्प माइंड, लाइफ में करते हैं बड़ा कामपैदाइशी भाग्यशाली माने जाते हैं इन 3 राशियों के बच्चे, पिता की बदल देते हैं तकदीरइन राशि वालों पर देवी-देवताओं की मानी जाती है विशेष कृपा, भाग्य का भरपूर मिलता है साथ7 दिनों तक मीन राशि में साथ रहेंगे मंगल-शुक्र, इन राशियों के लोगों पर जमकर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपादो माह में शुरू होने वाला है जयपुर में एक और टर्मिनल रेलवे स्टेशन, कई ट्रेनें वहीं से होंगी शुरूपटवारी, गिरदावर और तहसीलदार कान खोलकर सुनले बदमाशी करोगे तो सस्पेंड करके यही टांग कर जाएंगेआम आदमी को राहत, अब सिर्फ कमर्शियल वाहनों को ही देना पड़ेगा टोल15 जून तक इन 3 राशि वालों के लिए बना रहेगा 'राज योग', सूर्य सी चमकेगी किस्मत!

बड़ी खबरें

31 साल बाद जेल से छूटेगा राजीव गांधी का हत्यारा, सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेशकान्स फिल्म फेस्टिवल में राजस्थान का जलवा, सीएम गहलोत ने जताई खुशीगुजरातः चुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका, हार्दिक पटेल ने दिया इस्तीफा, BJP में शामिल होने की चर्चाआतंकियों के निशाने पर RSS मुख्यालय, रेकी करने वाले जैश ए मोहम्मद के कश्मीरी आतंकी को ATS ने किया गिरफ्तारआज चंडीगढ़ की ओर कूच करेंगे किसान, बॉर्डर पर ही बिताई रात, CM भगवंत बोले- 'खोखले नारे' नहीं तोड़ सकते संकल्पवाराणसी कोर्ट में आज ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर अहम बहस, जानें किन मुद्दों पर हो सकता है फैसलादिल्ली में आज एक बार फिर चलेगा बुलडोजर! सुरक्षा के लिए 400 पुलिसकर्मियों की मांगकांग्रेस नेता कार्ति चिंदबरम के करीबी को CBI ने किया गिरफ्तार, कल कई ठिकानों पर हुई थी छापेमारी
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.