गुजरात विधानसभा चुनाव में बीजेपी को इस बार ऐतिहासिक जीत मिली है। गुजरात की ऐसी कई सीटें हैं जिनपर पहले बीजेपी ने कभी नहीं जीती। इस बार सारे समीकरण पलटते हुए बीजेपी ने आदिवासी बहुल सीटों पर कामयाबी मिली है।
गुजरात विधानसभा चुनाव 2022 में भारतीय जनता पार्टी ने प्रचंड जीत दर्ज की है। राज्य की 182 सीटों में से 156 सीटों पर भगवा पार्टी अपना झंडा लहराने में कामयाब रही। गुजरात में ये किसी भी पार्टी का सबसे अच्छा प्रदर्शन है। राज्य की करीब 86 फीसदी सीट को बीजेपी ने अपने पक्ष में किया है। बीजेपी को पिछली बार से 57 सीटें ज्यादा मिली हैं। इस बार बीजेपी ने उन सीटों पर भी जीत हासिल करने में कामयाब रही, जिसपर पहले कभी कमल नहीं खिला। इस बार जाति या वर्ग के आधार पर समीकरण तैयार किया, जिसके आगे सभी फेल हो गए।
गुजरात में बीजेपी ने इस बार ऐतिहासिक जीत हासिल की है। नरेंद्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए भी पार्टी को गुजरात में ऐसी जीत नहीं नहीं मिली। इस बार चुनाव में बीजेपी को कुछ सीटों पर पहली बार जीत मिली। इन सीटों में आनंद जिले की बोरसाड, भरूच की झगड़िया, तापी की व्यारा, दाहोद की गरबाड़ा, खेड़ा की महुधा, आनंद की अंकलाव, अहमदाबाद की दानीलिमड़ा सीटें शामिल हैं। चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक शाम तक के आंकड़ों के इन सीटों पर भाजपा हावी रही।
— बोरसाड सीट से बीजेपी के रमनभाई भीखाभाई सोलंकी ने कांग्रेस के राजेंद्र सिंह को 11,165 वोटों से पराजित किया।
— महुधा सीट पर बीजेपी के संजय सिंह ने कांग्रेस के इंद्रजीत सिंह को मत दी।
— झगड़िया सीट से बीजेपी के रितेश कुमार वसवा ने निर्दलीय छोटूबाई वासवा को हराया।
— व्यारा सीट से बीजेपी के कोकानी मोहनभाई आम आदमी पार्टी के बिपिनचंद्र चौधरी को पराजित किया।
— गरबाड़ा सीट पर बीजेपी भाभोर रमेशभाई ने कांग्रेस की चंद्रिकाबेन को 27825 वोट से हराने में सफल रहे।
— अंकलव सीट पर बीजेपी के गुलाब सिंह से कांग्रेस के अमित चावड़ा को हार का सामना करना पड़ा।
— दानीलिमडा सीट से बीजेपी के शैलेश परमार ने कांग्रेस के नरेशभाई को हराया।
अरावली जिले में भिलोड़ा सीट पर बीजेपी को सिर्फ 1995 में जीत मिली थी। पार्टी ने इस बार फिर से यहां पर भगवा लहराने में सफलता मिली। इसके अलावा भी जसदान, धोराजी और दांता जैसी सीटें हैं जहां बीजेपी बहुत कम ही जीत पाई है। गुजरात में इस बार आदिवासियों ने भी बीजेपी पार्टी पर भरोसा जताया है।
बीजेपी साल 1995 से गुजरात की सत्ता में है। पार्टी को लगातार सातवीं बार प्रदेश में सफलता मिली है। साल 1960 में गुजरात के अलग राज्य बनने के बाद अब तक कोई भी पार्टी गुजरात में इतनी बड़ी जीत दर्ज नहीं कर पाई थी। जीवराज नारायण मेहता, बलवंतराय मेहता, हितेंद्र देसाई, घनश्याम ओझा, चिमनभाई पटेल और माधव सिंह सोलंकी जैसे दिग्गज भी जो कारनामा नहीं कर पाए। लेकिन पीएम मोदी ने यह कमाल कर दिखलाया है। आपको बता दें कि इससे पहले गुजरात की राजनीति में धुरंधर नेता माधव सिंह सोलंकी की अगुवाई में कांग्रेस ने सबसे ज्यादा 149 सीटें 1985 के विधानसभा चुनाव में हासिल की थीं। इस बार बीजेपी ने 156 सीटें जीतकर सारे रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया है।