
पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ. बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार विवादित कृषि कानूनों को वापस लेती तो यही उसके लिए बेहतर होगा। बसपा अध्यक्ष ने कहा कि केन्द्र सरकार ने तीन साल में पहली बार उत्पाद कर थोड़ा घटाकर लोगों को इस बार दिवाली पर कुछ राहत का तोहफा दिया है। उसी प्रकार दिवाली के बाद ही सही, यदि तीनों विवादित कृषि कानूनों को वापस लेगी तो किसानों को बहुत राहत होगी। तीनों क़ानूनों को वापस लेना ही केन्द्र सरकार की ओर से किसानों को दिया गया दिवाली तोहफा होगा।
उन्होंने कहा कि भाजपा का यह कहना है कि सबका साथ, सबका विकास व सबका विश्वास को लोग जुमला ही मानते हैं।
अब अगर इतने महीनों के संघर्ष के बाद भी केंद्र सरकार किसान विरोधी कड़े क़ानूनों को वापस नहीं लेती है तो इसे सबका साथ सबका विकास को सिर्फ जुमला ही माना जाएगा। गरीब इंसान इस जुमले पर कैसे विश्वास करे।
जब देश के किसान तीन कृषि कानूनों की वापसी को लेकर लम्बे समय से तीव्र आन्दोलित एवं आक्रोशित भी हैं। ऐसे में सरकार को अपनी ओर से पहल करते हुए इन्हें वापस लेना चाहिए। यही लोकतन्त्र की मर्यादा भी कहती है।
Updated on:
07 Nov 2021 04:47 pm
Published on:
07 Nov 2021 04:43 pm
बड़ी खबरें
View Allचुनाव
ट्रेंडिंग
