
फूलन देवी के नाम पर ‘डाका’ डालने की तैयारी में है वीआईपी
लखनऊ. आगामी विधानसभा चुवान से पहले सभी राजनीतिक पॉर्टियां जाति समीकरण को साधने में लग गई हैं। चुनाव से पहले निषाद समाज को लुभाने के लिए सभी राजनीतिक दल प्रयास कर रहे हैं। विधानसभा चुनाव में निषाद समाज अहम भूमिका निभाएगा। प्रदेश में चुनावी सरगर्मियों के बीच विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) ने डाकू रानी से नेता बनीं फूलन देवी की प्रतिमाएं बांटने का ऐलान किया है। वीआईपी फूलन देवी के नाम पर निषाद वोटरों पर डाका डालने (रिझाने) की तैयारी कर रही है। समाज के वोटरों को साधने की कोशिशि कर रही है। ऐसे में ये कहा जा सका है कि फूलन देवी ने नाम पर वीआईपी प्रदेश के निषाद वोट को लुभाएगी।
योगी आदित्यनाथ सरकार ने वीआईपी को 25 जुलाई को फूलन की पुण्यतिथि के मौके पर 18 मंडल मुख्यालयों में 18 फीट की मूर्ति स्थापित करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था।
'शहादत दिवस' के रूप में मनाना चाहती है वीआईपी
वीआईपी पार्टी 15 नवंबर से दिवंगत नेता की प्रतिमाएं बांटेगी। वीआईपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता देव ज्योति ने कहा, "पार्टी अब पूर्वाचल में निषाद भाइयों और बहनों के हर घर में उनकी प्रतिमा स्थापित करेगी। हमने जिन 169 सीटों की पहचान की है, उनमें 12-18 प्रतिशत निषाद मतदाता हैं। पार्टी का जनसंपर्क कार्यक्रम 15 नवंबर से हर ब्लॉक में शुरू हो जाएगा। वीआईपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश सहनी बिहार के मंत्री भी हैं। उन्होंने एक बयान में कहा, "इन निर्वाचन क्षेत्रों में हर ब्लॉक में मूर्तियों का वितरण किया जाएगा।
निषाद समाज में खास स्थान रखती हैं फूलन
फूलन देवी ने सांसद रहते हुए अपने कार्यकाल में निषादों के लिए आरक्षण का मुद्दा उठाया था और अधिकांश निषाद केंद्रित दल इसके लिए लड़ रहे हैं।
वीआईपी ने अक्टूबर में पूर्वाचल के 13 जिलों में आयोजित अपनी निषाद जनचेतना रैलियों को अभी खत्म किया है। इसने फूलन देवी को 'वीरांगना' के रूप में संबोधित करना भी शुरू कर दिया है।
Published on:
03 Nov 2021 04:50 pm
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