
Political Profile Know who is Keshav Prasad Maurya
Keshav Prasad Maurya: उत्तर प्रदेश की सियासत में सबसे ज्यादा लोगों की नजर बीजेपी के दिग्गज नेता और ओबीसी चेहरा माने जाने वाले केशव प्रसाद मौर्य पर है। केशव प्रसाद मौर्य की किस्मत हार के बाद भी अधर में लटकी हुई है। 2017 में बीजेपी की जीत में उनकी अहम भूमिका रही जिसके चलते उन्हें डिप्टी सीएम बनाया गया। मगर, इस बार हार के बाद भी क्या उन्हें दोबारा यह पद मिलेगा, इसकी तस्वीर आज शाम 4 बजे योगी आदित्यनाथ के शपथ ग्रहण समारोह में साफ हो जाएगी। बहरहाल, केशव प्रसाद मौर्य को उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक दशक से भी ज्यादा समय हो गया है। कहा जाता है कि केशव प्रसाद मौर्य पहले अखबार बांटने का काम करते थे। बाद में राजनीति की ओर रुख किया। प्रदेश की राजनीति में मौर्य यूपी का ओबीसी चेहरा बन कर उभरे हैं।
राजनीति में आने से पहले अखबार बेचते थे केशव प्रसाद मौर्य
केशव प्रसाद मौर्य को विश्व हिंदू परिषद के अशोक सिंघल का करीबी माना जाता है। मौर्य का जन्म 7 मई, 1969 को कौशांबी जिले के सिराथू में हुआ था। उनके पिता का नाम श्यामलाल मौर्य और माता का नाम धनपति देवी था। उनकी पत्नी का नाम राजकुमारी देवी है और उनके दो बच्चे हैं। इलाहाबाद के हिंदी साहित्य सम्मेलन से ग्रेजुएशन करने के बाद उन्होंने आगे की पढ़ाई के लिए अखबार बेचना शुरू किया। राजनीति में आने से पहले वह बजरंग दल से जुड़े थे। इसके बाद वह आरएसएस के संपर्क में आए और यहां से वीएचपी के साथ जुड़ गए। इस दौरान उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि और गोरक्षा व हिंदू हितों के लिए आंदोलन किए और इसके लिए जेल भी गए। मौर्य ने 2002 में पहला चुनाव बांदा विधानसभा सीट से लड़ा था। लेकिन पहली बार विधानसभा वह 2012 में पहुंचे।
2017 में केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में बीजेपी को मिली थी बड़ी जीत
2014 में केशव प्रसाद मौर्य फूलपुर से सांसद बने। 2016 में उन्हें यूपी बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष घोषित किया गया। 2017 में केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में ही बीजेपी ने बड़ी जीत हासिल की थी जिसके बाद पार्टी में उनका कद और बढ़ गया और वह डिप्टी सीएम बनाए गए।
Published on:
25 Mar 2022 01:48 pm
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