
राजनीति में आजादी के बाद से सक्रिय सिंधिया राजघराने की स्थिती डावाडोल नजर आ रही है। राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी के जीत के आसार प्रबल है। लेकिन वसुंधरा राजे फिj से मुख्यमंत्री बनें इसकी संभावना कम दिखाई दे रही है। वहीं, मध्य प्रदेश में भाजपा का विजय रथ एक बार फिर से चल पड़ा है और इस जीत की संभावना का सीधा सा कारण शिवराज सरकार का शासन माना जा रहा है।
ऐसे में एमपी में एक बार फिर से शिवराज का वर्चस्व बढ़ेगा। और यह खबर सिंधिया राजघराने के लिए बहुत बेहतर हो ऐसा नहीं लगता है। 50 सालों से सिंधिया राजघराना राजनीतिक वर्चस्व रखता है। पहली बार राजघराने का यह वर्चस्व सिमटा नजर आ रहा है।
केंद्रीय मंत्री हैं ज्योतिरादित्य सिंधिया
मध्य प्रदेश की राजनीति में दखल रखने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया ग्वालियर राजघराने के महराज होने के साथ ही केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री हैं। बता दें कि मार्च 2020 में उन्होंने कांग्रेस से बगावत कर दिया था। इस कारण से मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार गिर गई थी। बता दें कि सिंधिया की ज्योतिरादित्य सिंधिया की दादी विजयराजे सिंधिया भाजपा की संस्थापक सदस्यों में से एक रही हैं।
मध्य प्रदेश और राजस्थान में भाजपा आगे
राजस्थान, मध्य प्रदेश विधानसभा में चुनाव के नतीजें अब सामने आने लगे है। करीब डेढ़ घंटे की गिनती के बाद आए नतीजों में भारतीय जनता पार्टी पार्टी मध्य प्रदेश और राजस्थान में बढ़त बनाए हुए है। शुरुआती रुझानों में मध्य प्रदेश में भाजपा 215 में से 150 से ज्यादा सीटों पर आगे चल रही है, जबकि राजस्थान की 199 सीटों में से 126 पर भाजपा और 61 पर कांग्रेस आगे है।
Published on:
03 Dec 2023 10:19 am
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