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UP Assembly Elections 2022 : तेलंगाना सरकार ने यूपी के आलू पर लगाई रोक, ओवैसी पर फूटा उत्पादकों का गुस्सा

UP Assembly Elections 2022 : आगरा जिले के पास खंदौली के रहने वाले मो. आलमगीर एआईएमआईएम के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी से इसलिए नाराज़ हैं क्योंकि वह तेलंगाना में उस पार्टी का समर्थन कर रहे हैं जिसकी सरकार ने यूपी से आलू की सप्लाई पर रोक लगा दी। बता दें कि ओवैसी उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों में भी किस्मत आजमाने जा रहे हैं। तेलंगाना सरकार के इस फैसले से प्रदेश के आलू उत्पादकों में ओवैसी के प्रति खासी नाराजगी है।

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लखनऊ

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Amit Tiwari

Jan 02, 2022

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लखनऊ. UP Assembly Elections 2022 : उत्तर प्रदेश में इस साल होने वाले विधानसभा के चुनाव की जंग तेलंगाना राज्य तक पहुंच गई है। इस दौरान सियासी दलों के चुनाव प्रचार के बीच तेलंगाना सरकार ने उत्तर प्रदेश से आने वाले आलू की आवाक पर रोक लगा दी है। तेलंगाना सरकार के इस फैसले के बीचे उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार में जुटे एआईएमआईएम के अध्यक्ष असुद्दीन ओवैसी यूपी की जनता के निशाने पर आ गये हैं। बताया जाता है कि असदुद्दीन ओवैसी तेलंगाना सरकार का समर्थन कर रहे हैं और इसी के आधार पर आलू उत्पादक किसान समिति आगरा के महासचिव आलमगीर ने सवाल उठाया कि तेलंगाना की सरकार और उसके फैसले का समर्थन करते हुए ओवैसी यूपी में किस हक से वोट मांग सकते हैं। एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट में बताया गया है कि आलमगीर का अनुमान है कि उतर प्रदेश से रोज करीब 100 ट्रक आलू तेलंगाना जाता है। एक ट्रक में 50 किलो आलू के लगभग 500 बोरे होते हैं।

तेलंगाना सरकार का समर्थन करते हैं ओवैसी

आलू उत्पादक किसान समिति आगरा के महासचिव ने यह भी बताया कि इनमें में भी करीब 50-60 ट्रक तो आगरा से ही जाते हैं। वहीं उत्तर प्रदेश के आलू उत्पादकों का कहना है कि हम लोग ओवैसी से इसलिये नाराज हैं क्योंकि वह तेलंगाना की उस सरकार का समर्थन करते हैं, जिसने उत्तर प्रदेश से आने वाले आलू की आपूर्ति पर रोक लगा दी है। आलू उत्पादकों का कहना है कि हम तेलंगाना सरकार के इस फैसले का समर्थन नहीं कर सकते हैं, क्योंकि इस फैसले ने हमारे पेट पर लात मार दिया है।

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तेलंगाना सरकार की सफाई, हम पुराना आलू क्यों लें

एक रिपोर्ट के मुताबिक तेलंगाना के कृषि मंत्री एस निरंजन रेड्‌डी ने अपनी सरकार के बचाव में बताया कि उत्तर प्रदेश के किसान जो आलू हमें भेज रहे थे, वह कोल्ड स्टोरेज में रखा हुआ पिछले साल का आलू है। जब हमारे किसानों की ही उगाई ताजा फसल ही हमारे पास उपलब्ध हो चुकी है, तो हम उनका वह पुराना आलू क्यों लें।

यूपी से रोज 700 से 800 ट्रक आलू होता है सप्लाई

गौरतलब है कि तेलंगाना के अलावा महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक में भी उत्तर प्रदेश का आलू की सप्लाई की जाती है। उत्तर प्रदेश से रोज 700-800 ट्रक आलू निकलता है निकलता हैं। इनमें से लगभग तीन-चौथाई दक्षिण के इन्हीं राज्यों में जाते हैं। उत्तर प्रदेश में अक्टूबर से नवंबर की शुरूआत की बीच आलू बोया जाता है। जबकि फसल 20 फरवरी से 10 मार्च के बीच ली जाती है। आलू की फसल का करीब 5वां हिस्सा ही सीजन में बिक पाता है, शेष आलू कोल्ड स्टोरेज में रखवा दिया जाता है।