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Uttar Pradesh Assembly Election 2022 : भाजपा के लिए अजेय हैं यूपी की ये विधानसभा सीटें, यहां कभी नहीं खिला कमल

Uttar Pradesh Assembly Election 2022 : 2017 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और उसके सहयोगी दलों ने 325 सीटें जीती थीं, लहर के बावजूद 78 सीटों पर मिली थी हार

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लखनऊ

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Hariom Dwivedi

Aug 08, 2021

up assembly election 2022 bjp strategy for 80 up assembly seats

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लखनऊ. Uttar Pradesh Assembly Election 2022- उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 में भले ही छह माह से अधिक का वक्त शेष है, लेकिन सियासी पारा अभी से चढ़ गया है। सभी दल जीत के समीकरण दुरुस्त करने में जुट गये हैं। खासकर भाजपा (BJP) की नजर उन विधानसभा सीटों पर है, जहां 2017 में कमल नहीं खिल सका था। यहां जीत के लिए लिए बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत किया जा रहा है। चुनाव तक कार्यकर्ताओं का उत्साह बना रहे, इसके लिए हर विधानसभा सीट के लिए 'बड़े नेताओं' की जिम्मेदारी तय कर दी गई है।

भारतीय जनता पार्टी ने 2017 के विधानसभा चुनाव में 312 सीटों पर जीत दर्ज की थी। 13 सीटों पर सहयोगी दलों के प्रत्याशी जीते थे। इनमें 09 सीटें अनुप्रिया पटेल की अगुआई वाली अपना दल ने और 04 सीटें भाजपा से अलग ताल ठोंक रहे सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने जीती थीं। भाजपा इस बार भी 300 प्लस विधानसभा सीटों पर जीत का लक्ष्य लेकर चल रही है। खासकर पार्टी का फोकस उन 78 सीटों पर है, 2017 में लहर के बावजूद जहां बीजेपी जीत नहीं सकी है। इनमें से करीब 60 सीटें ऐसी हैं, जिन पर आज तक कमल नहीं खिल सका है।

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जीत की रणनीति
बीजेपी सूत्रों के मुताबिक, 2017 में जिन 78 सीटों पर हार का सामना करना पड़ा था, इस बार पार्टी का लक्ष्य उनमें से कम से कम 60 सीटें जीतना है। इन अभेद्य सीटों को जीतने के लिए भाजपा ने नई रणनीति तैयार की है। इसके लिए हर सीट पर अलग-अलग प्रभारी नियुक्त किये गये हैं। साथ ही पार्टी सांसदों, एमएलसी, निगम, बोर्ड और आयोग के अध्यक्षों को इन सीटों पर फतेह की जिम्मेदारी सौंपी है। बीजेपी प्रवक्ता राकेशधर त्रिपाठी ने कहा कि पार्टी के लिए हर सीट महत्वपूर्ण है। नई रणनीति से हम पिछला रिकॉर्ड भी तोड़ने में सक्षम होंगे। क्योंकि प्रदेश की जनता सरकार के काम और जनहितकारी योजनाओं से लाभान्वित हो रही है।

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इन सीटों पर कभी नहीं जीती बीजेपी
अकबरपुर (अंबेडकरनगर), निजामाबाद (आजमगढ़), सिधौली सीट (सीतापुर), हरचंदपुर (रायबरेली), मोहनलालगंज (लखनऊ), रायबरेली सदर (रायबरेली), सीसामऊ (कानपुर), आजमगढ़ सदर (आजमगढ़), रामपुर खास (प्रतापगढ़), जसवंतनगर (इटावा), ऊंचाहार (रायबरेली), मल्हनी (जौनपुर), अतरौलिया (आजमगढ़), मुबारकपुर (आजमगढ़), गोपालपुर (आजमगढ़) और मल्हनी (जौनपुर) सहित करीब 50 ऐसी सीटें हैं, जहां जीत दर्ज करने करना बीजेपी का सपना है।

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