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UP Assembly Elections 2022: ‘ब्रैंड योगी’ के भरोसे भाजपा उतरेगी मैदान में, राम के नाम व योगी के काम पर मांगेगी वोट

UP Assembly Elections 2022. दिल्ली में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) के नेतृत्व में हुई बैठक में उत्तर प्रदेश में 2022 चुनाव का रोडमैप तैयार किया गया।

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लखनऊ

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Abhishek Gupta

Jul 30, 2021

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लखनऊ. UP Assembly Elections 2022. दिल्ली में भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के नेतृत्व में हुई बैठक में उत्तर प्रदेश में 2022 चुनाव का रोडमैप तैयार किया गया। इसमें तय हुआ कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नहीं बल्कि 'ब्रैंड योगी' के भरोसे भाजपा चुनावी मैदान में उतरेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बीते साढ़े चार साल में किए गए विकास कार्यों की गाथा घर-घर तक लोगों को सुनाई जाएगी। यहीं नहीं किसानों को लुभाने के लिए 'किताब फॉर्मूला' अपनाया जाएगा। प्रदेश सरकार ने ‘इरादे नेक, काम अनेक’ नामक शीर्षक से बुकलेट जारी की है, जिसके जरिए वह बड़ी उपलब्धियों का लेखा-जोखा प्रस्तुत कर यूपी फतह करने का प्लान है। इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार की योजनाओं से उत्तर प्रदेश का कितना विकास हुआ इसकी एक और बुकलेट दी गई। सभी सांसदों को योगी आदित्यनाथ एवं विचार दर्शन नामक एक पुस्तक भी दी गई।

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सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को दी जाएगी धार-
सरकार द्वारा जारी की गई बुकलेट से सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को धार दी जाएगी। बुकलेट में भगवान श्रीराम, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तस्वीर है। बुकलेट में योगी सरकार के कार्यकाल में हुए अब तक भव्य धार्मिक आयोजन, धार्मिक महत्व रखने वाले जिलों के विकास कार्यों के बारे में बताया गया है। प्रयागराज में कुंभ का भव्य व सफल आयोजन हो, मथुरा में कृष्णोत्सव का आयोजन, गंगा यात्रा योजना, काशी विश्वनाथ धाम का विकास कार्यों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई है। अयोध्या में राम मंदिर के साथ-साथ जिले के संपूर्ण विकास कार्य, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर के बारे में भी बताया गया है। इसके जरिए सरकार जन-जन तक यह संदेश पहुंचाना चाहती है कि भारतीय संस्कृति की धरोहरों के बारे मेंसरकार ने गंभीरता से कार्य किए हैं।

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जन आशीर्वाद यात्रा से पहुंचेंगे लोगों के बीच-

दिल्ली में बैठक में यूपी में जन-आशीर्वाद यात्रा को चलाने पर जोर दिया गया है। 16 से 18 अगस्त तक मंत्री व सांसद अपने-अपने क्षेत्रों में निकलेंगे। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने हाल में केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार में शामिल हुए यूपी के 6 सांसदों को इसकी जिम्मेदारी दी है। यह नए मंत्री दिल्ली से अपने-अपने संसदीय क्षेत्र में जन-आशीर्वाद यात्रा निकालेंगे। इसके लिए भाजपा वोटों को मजबूत करेंगे। साथ ही यात्रा का उद्देश्य रास्ते में पड़ने वाले स्वागत स्थलों पर जनता को अवगत कराना है कि उन्हीं के बीच व उन्हीं के जाति के नेता को कैसे केंद्र सरकार में जगह दी गई है व उन्हें सम्मान दिया गया। केंद्र सरकार में हाल में अजय मिश्रा ब्राह्मण समाज, कौशल किशोर पासी समाज व अन्य मंत्री अपनी-अपनी बिरादरी के लोगों को पार्टी से जोड़ने के प्रयास में लगेंगे।

किसानों को साधने की कोशिश-
प्रदेश में किसान हमेशा से बड़ा मुद्दा रहा है। किसान आंदोलन ने खासतौर पर पश्चिम यूपी के जिलों में प्रभाव डाला है। विपक्ष भी इसे लेकर सरकार पर निशाना साध रहा है। इसकी काट के लिए सरकार किसानों के लिए उठाए गए कदमों का ब्योरा पेश करेगी। जैसे किसान सम्मान निधि के जरिए 48 लाख किसानों को किया गया 1.4 लाख करोड़ रुपये गन्ना मूल्य का भुगतान। 3 लाख युवाओं को संविदा पर दी गई नौकरी, 4.25 लाख युवाओं को दी गई सरकारी नौकरी, 82 लाख एमएसएमई इकाइयों की स्थापना आदि भी शामिल है।

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