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यूपी विधानसभा चुनाव 2022: गोरखपुर जिले की सभी नौ सीटों के संक्षिप्त आँकड़े

गोरखपुर की नौ विधानसभा सीट्स में से आठ सीटों पर बीजेपी ने जीत दर्ज की थी। सिर्फ चिल्लूपार सीट ऐसी थी जिसपर बसपा ने जीत दर्ज कर बीजेपी के क्लीन स्वीप के इरादे को खत्म कर दिया। इन नौ विधानसभा सीट में तीन सीट्स ऐसी थीं, जहां कड़ा मुकाबला देखने को मिला।

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Uttar Pradesh Assembly elections 2022 प्रदेश की राजधानी लखनऊ से 270 किलोमीटर की दूर स्थित गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का क्षेत्र है। इस जिले में मठ का प्रभाव और उसकी हनक साफ महसूस की जा सकती है। गोरखपुर में दो लोकसभा क्षेत्र गोरखपुर और बाँसगाँव हैं। इसके अलावा यहाँ कुल नौ विधानसभा क्षेत्र हैं। ये हैं कैम्पियरगंज, पिपराईच, गोरखपुर नगरीय, गोरखपुर ग्रामीण, सहजनवा, चौरी चौरा, खजनी, बाँसगाँव और चिल्लूपार।

विधानसभावार मतदाताओं की संख्या

मतदाताओं की बात करें तो सबसे ज्यादा मतदाता चिल्लूपार विधानसभा क्षेत्र में हैं। यहाँ मतदाताओं की संख्या 4 लाख 31 हजार 320 है। वहीं सबसे कम मतदाता वाला विधानसभा क्षेत्र हैं चौरी चौरा। यहाँ मतदाताओं की कुल संख्या 3 लाख 39 हजार 304 है। आइये एक नज़र डालते हैं विधानसभा और उनकी मतदाताओं की संख्या पर -

विधानसभा मतदाताओं की संख्या

2017 की चुनावी टक्कर

2017 के विधानसभा चुनावों में गोरखपुर की नौ विधानसभा सीट्स में से आठ सीटों पर बीजेपी ने जीत दर्ज की थी। सिर्फ चिल्लूपार सीट ऐसी थी जिसपर बसपा ने जीत दर्ज कर बीजेपी के क्लीन स्वीप के इरादे को खत्म कर दिया। इन नौ विधानसभा सीट में तीन सीट्स ऐसी थीं, जहां कड़ा मुकाबला देखने को मिला। इसमें चिल्लूपार के अलावा गोरखपुर ग्रामीण और पिपराइच में कड़ी टक्कर रही। इसके अलावा बाकी सभी सीट्स पर बीजेपी कैंडिडेट्स ने एक तरफा जीता हासिल की। इसमें सिर्फ शहर विधानसभा के राधा मोहन दास अग्रवाल ही ऐसे कैंडिडेट्स रहे, जिन्हें एक लाख से ज्यादा वोट्स हासिल हुए, वहीं सबसे ज्यादा जीत का अंतर भी राधा मोहनदास का ही रहा। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी राणा राहुल सिंह को 60 हजार से ज्यादा वोट्स से हराया। आइये एक नज़र डालते हैं 2017 के आँकड़ों पर -


1. कैम्पियरगंज

2017 के चुनावों में इस सीट पर बीजेपी ने अपना कब्जा जमाया था। बीजेपी उम्मीदवार फतेह बहादुर ने कांग्रेस की प्रत्याशी चिंता यादव को 32854 वोटों से हराकर जीत दर्ज की थी।

2. पिपराइच

इस सीट को बीजेपी ने एसपी से छीन कर अपना कब्जा जमाया। बीजेपी उम्मीदवार महेंद्र पाल सिंह ने बीएसपी प्रत्याशी आफताब आलम उर्फ गुड्डू भैया को 12809 वोटों से हराकर ये सीट बीजेपी की झोली में डाल दी।

3. गोरखपुर सदर

बीजेपी उम्मीदवार राधामोहन दास अग्रवाल ने कांग्रेस प्रत्याशी राना राहुल सिंह को 60730 वोटों से हराया था। गोरखपुर की सभी विधानसभा सीटों में जीत का ये अंतर सबसे ज्यादा था। हाँलाकि पूर्व के कई चुनावों से इस सीट पर बीजेपी का ही कब्जा रहा है।

4. गोरखपुर ग्रामीण

2012 के चुनाव में भी इस सीट पर बीजेपी ने जीत दर्ज की थी और 2017 में बीजेपी उम्मीदवार बिपिन सिंह ने सपा प्रत्याशी विजय बहादुर यादव को 4410 वोटों से हराकर इस सीट को एक बार फिर अपने ही पास रखा।

5. सहजनवा

2017 के चुनावों में इस सीट को बीजेपी ने बसपा से खींचकर अपने खाते में डाल लिया। बीजेपी प्रत्याशी शीतल पांडे ने एसपी उम्मीदवार यशपाल सिंह रावत को 15377 वोटों से हराया।

6. चौरी चौरा

बीजेपी प्रत्याशी संगीता यादव ने एसपी उम्मीदवार मनुराजन यादव को 45660 वोटों से हराकर इस सीट को बीजेपी की झोली में डाल दिया।

7. खजनी

इस चुनाव में खजनी सीट भी बीजेपी के खाते में आ गयी थी। बीजेपी उम्मीदवार संत प्रसाद ने बीएसपी प्रत्याशी राजकुमार को 20079 वोटों से हराया था।

8. बाँसगाँव

बीजेपी उम्मीदवार विमलेश पासवान ने बीएसपी प्रत्याशी धर्मेंद्र कुमार को 22873 वोटों से हराकर ये सीट बीजेपी के खाते में डाल दी।

9. चिल्लूपार

चिल्लूपार सीट ही ऐसी रही जिसने गोरखपुर की सभी नौ सीटों पर बीजेपी के क्लीनस्वीप के इरादों पर पानी फेर दिया। बीएसपी प्रत्याशी विनय शंकर तिवारी ने बीजेपी उम्मीदवार राजेश त्रिपाठी को 3359 वोटों से हराकर ये सीट अपने नाम कर ली।