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UP Assembly Elections 2022: सपा गठबंधन में सब कुछ ठीक नहीं, सीटों के बंटवारे को लेकर साथी दल नाराज

पश्चिमी यूपी में रालोद और सपा गठबंधन की नाराजगी से उपजा असंतोष अब पूर्वी और सेंट्रल यूपी में दिख रहा है। सपा के कई घोषित उम्मीदवारों ने चुनाव लडऩे से इनकार कर दिया है। तो गठबंधन में शामिल अपना दल (कमेरावादी) ने अपने सभी 18 उम्मीदवारों को चुनाव न लड़ाने की धमकी दी है। हालांकि, पार्टी सपा गठबंधन में बनी रहेगी।

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 सपा गठबंधन में सब कुछ ठीक नहीं

सपा गठबंधन में सब कुछ ठीक नहीं

UP Assembly Elections 2022: समाजवादी पार्टी और उसकी सहयोगी दलों के बीच सब कुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है। पश्चिमी यूपी में रालोद और सपा गठबंधन की नाराजगी से उपजा असंतोष अब पूर्वी और सेंट्रल यूपी में दिख रहा है। सपा के कई घोषित उम्मीदवारों ने चुनाव लडऩे से इनकार कर दिया है। तो कई जगह पार्टी ने खुद असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है। सूची में नाम किसी का है तो नामांकन के लिए सिंबल किसी और को आवंटित किया गया है। उधर, गठबंधन में शामिल अपना दल (कमेरावादी) ने अपने सभी 18 उम्मीदवारों को चुनाव न लड़ाने की धमकी दी है। हालांकि, पार्टी सपा गठबंधन में बनी रहेगी।

अपना दल कमेरावादी को दीं 18 सीटें

सपा ने अपना दल (कमेरावादी) को कुल 18 सीटें गठबंधन के बंटवारे में दी हैं। लेकिन इलाहाबाद में कई सीटों पर सपा और अपना दल दोनों ने अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं। अपना दल की नेता पल्लवी पटेल को कौशाम्बी की सिराथू विधानसभा सीट से सपा ने अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। इससे नाराज अपना दल ने रोहनिया, पिंडरा मडिय़ाहू, मरिहान, घोरावल, प्रतापगढ़ सदर, इलाहाबाद पश्चिम और सिराथू की भी सीटों का एलान कर दिया। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव पंकज निरंजन ने कहा कि, हम नहीं चाहते कि गठबंधन में कोई विवाद और भ्रम हो। इसलिए हमने उन सभी सीटों को वापस कर दिया है जो सपा ने अपना दल को लडऩे के लिए दी थी।

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ददुआ के बेटे ने चुनाव लडऩे से किया इंकार

चित्रकूट की मानिकपुर सीट से सपा ने डकैत रहे ददुआ के बेटे वीर सिंह पटेल को उम्मीदवार बनाया था लेकिन वीर ने चुनाव नहीं लडऩे का एलान किया है। कमोबेश यही स्थिति कई अन्य जिलों में भितरघात की वजह से उम्मीदवार टिकट वापस कर रहे हैं।

सिंबल और प्रत्याशी को लेकर भ्रम

लखनऊ की मलिहाबाद सीट से घोषित उम्मीदवार ने मोहनलालगंज से पर्चा भर दिया। पार्टी ने जिसे उम्मीदवार बनाया था उसे सिबंल ही नहीं दिया, ऐसे में वह निर्दलीय मैदान में हैं। बहराइच और बलरामपुर में भी पार्टी भितरघात से जूझ रही है।

चाचा भी बने मुसीबत

अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल सिंह यादव ने अपनी पार्टी का गठबंधन सपा से किया है। लेकिन अखिलेश ने सिर्फ शिवपाल को ही ही जसवंतनगर की एक सीट दी है। इससे नाराज कम से कम 60 सीटों पर शिवपाल समर्थक निर्दलीय मैदान में हैं। इससे सपा की मुश्किलें बढ़ गयी हैं।

महान दल भी नाराज

सपा गठबंधन में शामिल महान दल भी सीटों को बंटवारे को लेकर खुश नहीं है। हालांकि पार्टी ने खुलकर विरोध नहीं जताया है लेकिन अंदरखाने विरोध के स्वर फूट रहे हैं।

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पश्चिमी यूपी में फ्रेंडली फाइट

पश्चिमी यूपी में सपा और राष्ट्रीय लोकदल के कई उम्मीदवार आमने-सामने हैं। इस पर पार्टी के जिम्मेदारों का कहना है जिस दल का प्रत्याशी मजबूत स्थिति में होगा अंत में उसी को दोनों दलों का समर्थन मिल जाएगा। वही पार्टी का अधिकृत प्रत्याशी होगा।