
UP Assembly Elections Result 2022 : कांग्रेस के मतों में भी गिरावट, प्रियंका गांधी का पसीना बहाना नहीं आया काम
Uttar Pradesh Assembly Elections Result 2022 उत्तर प्रदेश में कभी एकछत्र राज्य करने वाली कांग्रेस पार्टी का महज दो सीट पर सिमट जाना अचंभित नहीं करता है। लड़की हूं लड़ सकती हूं नारे के साथ यूपी में पसीना बहा रहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को भी यह विश्वास नहीं था कि पार्टी दहाई के आंकड़े को पार कर पाएगी।
1989 से शुरू हुआ अवसान
उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री गोविंद बल्लभ पंत थे। यह कांग्रेसी थे। जबकि यूपी कांग्रेस के आखिरी मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी थे जिनका कार्यकाल 5 दिसंबर 1989 को समाप्त हुआ था। इसके बाद से लगातार कांग्रेस सिमटती ही गयी। सीट और वोट शेयर दोनों के मामले में ही कांग्रेस कमजोर होती गई। 1985 कांग्रेस को 269 सीटें मिली थीं। तब कांग्रेस का वोट शेयर 39.25 प्रतिशत था। यह कांग्रेस की आखिरी जीत थी। 1989 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 94 सीटें मिलीं। और वोट शेयर गिरकर 27.9 प्रतिशत पर पहुंच गया। जबकि, 1991 के चुनाव में कांग्रेस 46 सीटों पर सिमट गई। वोट शेयर प्रतिशत भी घटकर 17.32 पर आ गया।
चुनाव दर चुनाव गिरता गया कांग्रेस का ग्राफ
1993 के विधानसभा चुनाव में 28 सीटें मिलीं और वोट शेयर 15 प्रतिशत रह गया। 1996 में कांग्रेस ने 126 सीटों पर चुनाव लड़ा तब उसे 33 सीटें मिली और घटते हुए मत प्रतिशत 8.35 ही रह गया। 2002 कांग्रेस की सीटें घटते हुए 25 पर जा पहुंची और वोट शेयर थोड़ा बढ़कर 8.96 प्रतिशत रह गया। 2007 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 22 सीटें मिली जबकि वोट शेयर फिर घटकर 8.35 फीसदी पर पहुंच गया। वहीं 2012 में वोट शेयर बढ़कर 11.60 प्रतिशत हो गया और सीटें 22 से बढ़कर 28 हो गई। 2017 में सपा गठबंधन के साथ कांग्रेस ने 114 सीटों पर जंग लड़ी। लेकिन इसे महज 7 सीटें ही मिलीं। वोट शेयर भी घटकर 6.25 प्रतिशत पर आ गया। यह कांग्रेस का अब तक का सबसे बुरा प्रदर्शन था।
कांग्रेस के सिर्फ तीन विधायक
2022 के चुनाव तक कांग्रेस के सिर्फ तीन विधायक ही बचे उनमें प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू , प्रमोद तिवारी की बेटी आराधना मिश्रा उर्फ मोना और तीसरे विधायक कानपुर कैंट से सोहेल अख्तर अंसारी हैं। बाकी के सदस्य पार्टी का संग छोड़ गए।
Published on:
10 Mar 2022 03:37 pm
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