
UP Assembly Elections 2022 : फर्रुखाबाद का इतिहास महाभारत काल से जुड़ा है। देश के लिए आस्था की नदी कही जाने वाली गंगा के दक्षिणी तट पर बसे फर्रूखाबाद में बनने वाली दालमोठ, पपडिय़ा और ब्लाक प्रिंटिंग आदि चीजों के लिए प्रसिद्ध है। ये नगर समाजवादी नायक राममनोहर लोहिया की कर्मस्थली थी और इस जिले से सांसद भी थे। पूर्व राष्ट्रपति डॉ जाकिर हुसैन और राष्ट्रीय कवियत्री महादेवी वर्मा की जन्मस्थली भी है। कभी समाजवादियों का गढ़ रहीं फर्रुखाबाद सदर सीट पर इस वर्तमान समय में भारतीय जनता पार्टी का कब्जा और मेजर सुनील दत्त द्विवेदी यहां से विधायक हैं। इस सीट पर बीजेपी और कांग्रेस की ही टक्कर होती थी। लेकिन 1997 में हुए एक हत्याकांड ने यहां की सियासत ही बदल डाली। यहां कांग्रेस का सीधा मुकाबला जनसंघ व भारतीय जनता पार्टी से ही रहा है। इस सीट पर मुस्लिम मतदाता निर्णायक साबित हो सकते हैं। फर्रूखाबाद सीट पर कांग्रेस, भाजपा और सपा के बीच त्रिकोणीय मुकाबला हो सकता है।
फर्रूखाबाद सदर विधानसभा सीट का इतिहास
इस सीट से ज्यादातर कांग्रेस ही जीतती आई है। देश की आजादी के बाद इस सीट पर पहला चुनाव 1957 में हुआ था और कांग्रेस के रामकृष्ण सारस्वत ने जीत दर्ज की थी। 1962 में जनसंघ के दयाराम शाक्य यहां से जीते। 1967 और 1969 में कांग्रेस के महरम सिंह ने बाजी मारी। 1974 में कांग्रेस के विमल प्रसाद तिवारी ने जीत दर्ज की। वहीं 1977 में ब्रह्म दत्त द्विवेदी जनता पार्टी से, 1980 में कांग्रेस के विमल प्रसाद तिवारी, 1985 में भाजपा के ब्रह्म दत्त द्विवेदी, 1989 में फिर से कांग्रेस प्रत्याशी विमल प्रसाद तिवारी ने जीत दर्ज कर भाजपा प्रत्याशी ब्रह्म दत्त द्विवेदी को चुनाव में शिकस्त दी थी।
ब्रह्म दत्त द्विवेदी की हत्या के बाद बदली सियासत
1991, 1993 और 1996 में भाजपा प्रत्याशी ब्रह्म दत्त द्विवेदी ने इस सीट से जीत की हैट्रिक लगाई थी। वे वह भाजपा सरकार में मंत्री भी बने। फरवरी 1997 में उनकी हत्या हो गई। हत्या में आरोपित विजय सिंह भी एक नेता के रूप में उभर कर सामने आए। इसके बाद 1997 के उपचुनाव में ब्रह्म दत्त द्विवेदी उनकी पत्नी प्रभा द्विवेदी ने भाजपा प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की। वे भी प्रदेश सरकार में मंत्री बनीं। लेकिन 2002 में प्रभा विजय सिंह ने निर्दल प्रत्याशी के रूप में हरा दिया। विजय सिंह 2007 में समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए जिसके बाद उन्होंने 2007 और 2012 के चुनाव में स्व. ब्रह्म दत्त द्विवेदी के बेटे और वर्तमान विधायक सुनील दत्त द्विवेदी (भाजपा प्रत्याशी) को शिकस्त दी। 2017 की भाजपा लहर में सुनील दत्त द्विवेदी ने भाजपा प्रत्याशी के रूप में ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
फर्रुखाबाद विधानसभा पर एक नजर
कुल मतदाता लगभग – 3,54,286
पुरुष – 1,92,578
महिला – 1,61,686
अन्य मतदाता – 22
जातिगत आंकड़े
फर्रूखाबाद सदर विधानसभा सीट में मुस्लिम मतदाता निर्णायक साबित हो सकते हैं। 2011 की जनगणना के अनुसार इस सीट पर सबसे ज्यादा लगभग 70 हजार मुस्लिम मतदाता हैं। इसके बाद ब्राह्मण 55 हजार, अनुसूचित मतदाता 50 हजार, लोधी 40 हजार, यादव व वैश्य 25-25 हजार और कुर्मी, क्षत्रिय व बाथम मतदाता लगभग 20-20 हजार हैं।
2017 विधानसभा चुनाव का परिणाम
सुनील दत्त भाजपा 93626
मो. उमर खान बसपा 48,199
विजय सिंह सपा 36,012
2022 के विभिन्न दलों से उम्मीदवार
भाजपा से मेजर सुनील दत्त द्विवेदी
समाजवादी पार्टी से सुमन आर्या
कांग्रेस से लुईस खुर्शीद
बहुजन समाज पार्टी से विजय कुमार कटियार
20 फरवरी को होगा मतदान
फर्रूखाबाद सदर विधानसभा सीट में तीसरे चरण के लिए 20 फरवरी को मतदान होना है और 10 मार्च को चुनाव परिणाम आयेंगे।
Published on:
30 Jan 2022 02:33 pm
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