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UP Election 2022: यूपी की वे 47 सीटें जहां 2017 हर पल दिल हो जाता था धक्क, जीत हुई तो नहीं कर पाया कोई यकीन

2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में 47 सीटें ऐसी थीं जहाँ जीत का अंतर महज 5000 था। इनमें से बीजेपी ने सबसे अधिक 23 सीटें जीतीं और 15 सीटों में वो दूसरे स्थान पर रही। जबकि समाजवादी पार्टी ने 13 सीटों पर जीत हासिल की जबकि 17 सीटों पर वह उपविजेता रही। इन 47 सीटों में से 8 सीटों पर जीत का अंतर 1,000 वोटों से भी कम था।

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UP Election 2022: यूपी की वे 47 सीटें जहां 2017 हर पल दिल हो जाता था धक्क

UP Election 2022: यूपी की वे 47 सीटें जहां 2017 हर पल दिल हो जाता था धक्क

UP Election 2022: अगर हम 2017 यूपी विधानसभा चुनाव के नतीजों के विश्लेषण करें तो पाएंगे कि महज 5,000 वोटों का इधर से उधर होना, उत्तर प्रदेश की हर 10वीं सीट का नतीजा बदल सकता है। दरअसल, 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में 47 सीटें ऐसी थीं जहाँ जीत का अंतर महज 5000 था। इनमें से बीजेपी ने सबसे अधिक 23 सीटें जीतीं और 15 सीटों में वो दूसरे स्थान पर रही। जबकि समाजवादी पार्टी ने 13 सीटों पर जीत हासिल की जबकि 17 सीटों पर वह उपविजेता रही। वहीं बसपा ने 8 सीटों पर जीत हासिल की तो कांग्रेस, राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) और अपना दल (सोनीलाल) को एक-एक सीट मिला। इन 47 सीटों में से 8 सीटों पर जीत का अंतर 1,000 वोटों से भी कम था।

इनमें से, भाजपा ने 5 (डूमरियागंज, मीरापुर, श्रावस्ती, मुहम्मदाबाद-गोहना (एससी) और रामपुर मनिहारन) जीती। जबकि बसपा ने 2 (मांट और मुबारकपुर) और समाजवादी पार्टी ने मात्र एक मोहनलालगंज की सीट पर जीत दर्ज की। सबसे कम मार्जिन से जीत दर्ज करने वाले विधायक थे भाजपा के राघवेंद्र प्रताप सिंह। जिन्होंने डुमरियागंज की सीट पर बसपा की सैय्यदा खातून को महज 171 मतों से हराकर जीत दर्ज की।

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दूसरा सबसे कम अंतर मीरापुर में दर्ज किया गया। यह सीट भी बीजेपी के ही कब्जे में रही। यहां बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले अवतार सिंह भड़ाना ने सपा उम्मीदवार लियाकत अली को 193 मतों से हराया। हालांकि इस बार के चुनाव में भड़ाना बीजेपी छोड़कर रालोद में शामिल हो चुके हैं।

एक हजार से दो हजार के बीच जीत के अंतर वाली सीटें

इसके अलावा यूपी की तकरीबन नौ सीटें ऐसी थीं जहां जीत का अंतर 1000 से 2000 के बीच था। ये सीटें हैं दुद्धी, भदोही, पट्टी, मटेरा, बांसडीह, टांडा, महमूदाबाद, ऊंचाहार और भरथना।

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दो हजार से तीन हजार के बीच जीत के अंतर वाली सीटें

10 सीटें ऐसी थीं जहां जीत का अंतर 2000 से 3000 के बीज रहा। ये सीटे हैं नजीबाबाद, लालगंज, गैंसरी, कांठ, फरेंदा, बदलापुर, कन्नौज, अतरौलिया, सिधौली और प्रतापपुर।

तीन हजार से चार हजार के बीच जीत के अंतर वाली सीटें

वहीं 12 सीटें ऐसी थीं जहाँ जीत का अंतर 3000 से 4000 के बीच था। ये सीटे हैं मुरादाबाद नगर, जंगीपुर, धौरहरा, चिल्लूपार, आंवला, धौलाना, दीदारगंज, हरचंदपुर, महोली, पटियाली, छपरौली और बिधूना।

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चार हजार से पाँच हजार के बीच जीत के अंतर वाली सीटें

कुल 8 सीटें ऐसी थीं जहां जीत का अंतर 4000 से 5000 के बीच था। ये सीटे हैं नकुड़, मंझनपुर, मछलीशहर, इसौली, शाहाबाद, सहसवां, गोरखपुर ग्रामीण और सहारनपुर नगर।