
UP Election hindu muslim factor decide CM bjp on sp akhilesh yadav bsp
आनंद मणि त्रिपाठी
लखनऊ.रूहेलखंड में राजनीतिक तकरार शुरू हो गई है। तकदीर का फैसला भले ही 10 मार्च को आए लेकिन सहारनपुर से लेकर शाहजहांपुर तक सियासत की शमशीरों ने मारकाट मचा रखी है। नौ जिलों की 55 सीटों पर राजनीतिक आन की लड़ाई में सब कुछ म्यान से बाहर हो रहा है। सपा सरकार में कद्दावर मंत्री रहे आजम खान करीब 80 मुकदमों के साथ इस चरण के ही नहीं बल्कि यूपी के सबसे दागदार प्रत्याशी बन गए हैं।
इसी चरण में यह फैसला होगा कि आजम खान की आन का पानी उतरेगा या फिर चढ़ेगा सियासत का नया रंग। एक ओर रामपुर में नवाब और आजम खान की जंग है तो वहीं स्वारटांडा में नवाब पुत्र से आजम खान के पुत्र अब्दुल्ला तंग हैं। इसी नवाबी लड़ाई में सियासत का रुख साफ होगा और यहां से चली बयार ही 55 सीटों पर वोटिंग का आधार तय करेगी। हक, हुकूक और हुकूमत के इस दंगल में मुस्लिम और दलित मत बेहद ही महत्वपूर्ण भूमिका में हैं।
भाजपा की बयार,उलट गए आधार
जिन जातिगत आधारों को लेकर राजनीतिक पंडित अनुमान लगाते हैं, वह 2017 की लड़ाई में सब उलट गए थे। भाजपा ने सूपड़ा साफ करते हुए 55 में से 38 सीटें जीत लीं थीं। बसपा एक भी नहीं जीत पाई थी। वह भी तब जब तीन जिलों में दलित सीधे तौर पर निर्णायक हैं। इस चरण में पांच जिले ऐसे हैं जहां मुस्लिम 40 फीसदी से अधिक हैं। जाट वोट करीब दस सीटों पर जीत हार का फैसला करते हैं। बदायूं ऐसा जिला है जहां यादव मतदाता तासीर को बदल देते हैं। यही वह चरण है जिसमें कांग्रेस ने भी दो सीटों के साथ 2017 में अपना खाता खोला था।
जाट, मुस्लिम और यादव, जीत का साथ साधो
सपा और रालोद का चुनावी गणित भाजपा के लिए सीधे तौर पर मुश्किल खड़ी कर रहा है। मुस्लिम, जाट, यादव वोटों का समीकरण सही बैठा तो फिर खेल बदल जाएगा। सपा करीब 20 सीटों पर दूसरे नंबर पर थी। बसपा का भी सोशल इंजीनियरिंग का पैंतरा अगर सही बैठा तो स्थिति दूसरी होगी। 2017 में बसपा 10 सीटों पर नंबर दो पर थी। सहारनपुर, अमरोहा, बिजनौर, नगीना, रामपुर, मुरादाबाद और संभल में मुस्लिम और दलित वोट जीत तय करेंगे। यादव बहुल बदायूं पहले से ही सपा का गढ़ है।
देवबंद में 1.5 लाख मुस्लिम फिर भी भाजपा जीती
मुस्लिम वोटों को लेकर भले ही समाजवादी पार्टी अपना हक जताए लेकिन 2017 में यह सारे दावे झूठे साबित हो गए थे। देवबंद की सीट पर भाजपा ने परचम लहराया था। इस सीट पर करीब डेढ़ लाख मुस्लिम मतदाता का आंकड़ा अनुमानित है। ऐसे में इस बार इस सीट पर क्या खेला होगा। सबकी नजर इस पर टिकी हुई है।
दंगल में सबसे ज्यादा दागी
उत्तर प्रदेश की सियासत में दबंगई को लेकर भले ही पूर्वांचल का दामन दागदार रहा हो लेकिन रूहेलखंड ने इस बार दागी प्रत्याशियों के मामले में बाजी मार ली है। बसपा ने सबसे अधिक 20 दागी प्रत्याशी उतारे हैं तो कांग्रेस ने 16 प्रत्याशी उतारे हैं। भाजपा 18 और सपा 35 दागियों के साथ राजनीतिक दंगल लड़ रही है। सुचिता की लड़ाई लडऩे वाले आप ने भी 6 दागी मैदान में उतारे हैं तो वहीं रालोद ने एक दागी प्रत्याशी चुनाव में उतारा है।
मुस्लिम आबादी का गढ़ दूसरा चरण
मुरादाबाद में 50.80 फीसदी
रामपुर में 50.57 फीसदी
बिजनौर में 43.04 फीसदी
सहारनपुर में 41.95 फीसदी
अमरोहा में 40.04 फीसदी
बरेली में 34.54 फीसदी
संभल में 32.88 फीसदी
बदायूं में 23.26 फीसदी
शाहजहांपुर में 17.55 फीसदी
2017 में नौ जिलों का परिणाम
जिला——भाजपा—सपा—कांग्रेस
शाहजहांपुर—05—01—00
सहारनपुर—04—01—02
बरेली—09—00—00
बदायूं—06—01—00
अमरोहा—03—01—00
बिजनौर—06—02—00
रामपुर—02—03—00
मुरादाबाद—02—04—00
संभल—01—02—00
दूसरा चरण
कुल जिले-09
कुल सीटें-55
कुल प्रत्याशी-586
2017-601
2017 में 65.16 प्रतिशत मतदान
Published on:
12 Feb 2022 04:03 pm
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