कौन हैं ललितेश त्रिपाठी जिन्होंने छोड़ा कांग्रेस का साथ,यूपी में पार्टी को कितना नुक़सान

UP Assembly Election 2022: लम्बें समय से कांग्रेस पार्टी द्वारा खुद को नजरअंदाज महसूस करने पर औरंगाबाद हाउस की चौथी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व कर रहे पूर्व विधायक ललितेशपति त्रिपाठी जो प्रियंका गाँधी के करीबी माने जाते हैं ने कांग्रेस का साथ छोड़ दिया है पर अभी किसी पार्टी में शामिल नहीं हुए हैं|

By: Mahima Soni

Published: 23 Sep 2021, 09:22 PM IST

लखनऊ.UP Assembly Election 2022: ललितेश त्रिपाठी के पार्टी और पद दोनों से इस्तीफा देने से कांग्रेस(Congress) पार्टी को 2022 विधानसभा चुनाव से पहले पूर्वांचल(Purvanchal) क्षेत्र में एक तगड़ा झटका मिला है| क्युकी ललितेश कांग्रेस की ओर से ब्राह्मण चेहरा माने जाते थे और साथ ही इनके और इनके परिवार का काफी करीबी रिश्ता रहा है कांग्रेस से| ललितेश पति त्रिपाठी ने पार्टी और पद दोनों से इस्तीफा दे दिया है, और कांग्रेस के और मजबूत बनने की कामना की है| पर अभी तक उन्होंने किसी भी अन्य पार्टी में शामिल होने की संभावनाओं को स्वीकार नहीं किया है| और 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाग नहीं लेने की बात भी कही है|

कौन हैं ललितेशपति त्रिपाठी(Who is Laliteshpati Tripathi)

ललितेशपति त्रिपाठी यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कमलापति त्रिपाठी के प्रपौत्र और प्रियंका गाँधी के करीबी माने जाने वाले हैं| ललितेश पति त्रिपाठी, यूपी की सोलहवीं विधानसभा सभा में विधायक रहे हैं। 2012 उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव में ललितेश ने यूपी के मीरजापुर के मड़िहान से विधायकी चुनाव जीता था। 2019 में लोक सभा का चुनाव भी लड़ा था लेकिन हार गए थे|

ललितेश त्रिपाठी ने क्यों दिया इस्तीफा(Why Lalitesh Tripathi gave his resignation)

यूपी में कांग्रेस का ब्राह्मण चेहरा माने जाने वाले ललितेशपति ने कांग्रेस पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देते हुए कहा कि पार्टी के द्वारा उन्हें लगातार नजरअंदाज किया जा रहा था, और कुछ खामियों के चलते ललितेश को महसूस हुआ की पार्टी के पुराने और वरिष्ठ लोगों का सम्मान नहीं हो रहा है, जिसके चलते उन्होंने कांग्रेस का साथ छोड़ने का फैसला लिया है|

क्या है ललितेश त्रिपाठी और औरंगाबाद हाउस का कनेक्शन(Connection of Lalitesh Tripathi and Aurangabad House)

कभी यूपी में पहला परिवार माना जाता था औरंगाबाद हाउस| औरंगाबाद हाउस की चौथी पीढ़ी हैं ललितेश त्रिपाठी| इससे पहले औरंगाबाद हाउस के मुखिया यूपी के मुख्यमंत्री और दो बार रेल मंत्री रहे कमलापति त्रिपाठी थे, जो ललितेश के परदादा थे| कमलापति त्रिपाठी के बड़े बेटे लोकपति त्रिपाठी यूपी में कांग्रेस के आखिरी कार्यकाल के दौरान मंत्री रह चुके हैं। और लोकपति के बेटे राजेशपति त्रिपाठी कांग्रेस के सदस्य रहे लेकिन यूपी में पार्टी के बुरे दौर के कारण वह राजनीति में गुम हो गए थे।

ललितेश का इस्तीफा प्रेशर पॉलिटिक्स या भविष्य की चिंता(Lalitesh resigns by pressure politics or worry about future)
ललितेश का इस्तीफा देना दो तरीकों से राजनीतिक गलियारे में देखा जा रहा है| पहला, यह माना जा रहा है की लगातार तीन चुनाव हरने से ललितेश का राजनीतिक करियर दांव पर है इसलिए वह प्रेशर पॉलिटिक्स की ओर बढ़ रहे हैं| दूसरा, यह भी हो सकता है की वह पार्टी में तवज्जो की तलाश में हैं जो उन्हें वर्तमान पार्टी में नहीं मिल रहा है| तो इनमे से कोई एक कारण हो सकता है|

ललितेश के इस्तीफे से पार्टी को कितना नुकसान(Loss of Congress due to Laliteshpati Tripathi's resignation)
पूर्वांचल में कांग्रेस की तरफ से मुख्या ब्राह्मण चेहरा माने जाते रहे हैं ललितेशपति त्रिपाठी| पर अब इनके इस्तीफे से आगामी यूपी के विधानसभा चुनाव(UP Assembly Election) में असर दिख सकता है, क्युकी पिछली तीन पीढ़ियों से इनकी राजनीतिक जड़ें काफी मजबूत रही हैं और खुद भी एक अच्छे राजनेता माने जाते हैं|

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