
Mandatory Standards coming For Eelectric Vehicle Batteries says Nitin Gadkari
देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की डिमांड तेजी से बढ़ रही है, बीते कुछ महीनों पहले देश में कुछ इलेक्ट्रिक वाहनों में आग लगने की घटनाएं भी सामने आई थीं। जिसके बाद सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए वाहन निर्माताओं को चेतावनी भी दी थी। अब सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के सेल के साथ-साथ बैटरी के पुर्जों और उनके परीक्षण के लिए नई आवश्यक स्टैंडर्ड नियमों पर काम कर रही है। नए नियम दो-तीन महीनों में लागू होने की संभावना है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्री- नितिन गडकरी ने कहा कि, नए नियमों और मानदंडों को पूरा करने में विफल रहने वाली कंपनियों के खिलाफ जुर्माना की कार्यवाई इनके अधिसूचित होने के बाद ही शुरू होगी। गडकरी ने कहा, "हमें अपडेटेड नियमों को अधिसूचित करने से पहले निर्माताओं को दंडित नहीं करना चाहिए।"
TOI की एक रिपोर्ट के अनुसार, हर दोपहिया और चार पहिया वाहन के लिए मानकों और परीक्षण प्रोटोकॉल को एक साथ अधिसूचित किया जाएगा। ये अथॉर्टी कार निर्माताओं के लिए केवल मानक-अनुपालन बैटरी का उपयोग करके इलेक्ट्रिक वाहनों का निर्माण करना अनिवार्य करेगी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अधिकारियों ने उल्लेख किया कि, सरकार बैटरी के 'उत्पादन की अनुरूपता (CoP)' के मानदंडों को अधिसूचित करेगी, जिससे पता चलता है कि बैटरी के नमूने परीक्षण के लिए सीधे कारखानों से लाए जाएंगे, और इनकी जांच की जाएगी। ये परीक्षण यह जांचने के लिए किया जाएगा कि क्या बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण के लिए कंपनी सभी आवश्यकताओं का अनुपालन कर रही है या नहीं। वर्तमान में, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए CoP का प्रावधान नहीं है।
बताया जा रहा है कि, ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एआरएआई) के पास बैटरी पैक के लिए सुरक्षा रेटिंग देने का अधिकार है, लेकिन इसकी बाध्यता के संबंध में कोई आधिकारिक मानदंड नहीं है। एआरएआई द्वारा एआईएस 156 रेटिंग बैटरी पैक भारत में सबसे सुरक्षित में से एक बनाती है। सभी सेफ़्टी टेस्टिंग, जैसे बैटरी पैक ओवरचार्ज, ओवर-डिस्चार्ज, फायर रेजिस्टेंस, शॉर्ट सर्किट, मैकेनिकल और थर्मल शॉक, वाइब्रेशन इत्यादि एआरआई में AIS 156 मानक के अनुसार किए जाते हैं।
बता दें कि, स्टैंडर्ड नियमों में बैटरी कंपोनेंट, सेल और मॉड्यूल जैसे तथ्यों का परीक्षण शामिल है जो एक इलेक्ट्रिक व्हीकल के बैटरी पैक में दिए जाते हैं। एक बार ये नया नियम लागू होने के बाद, जो कंपनियां इन बैटरी पैक के निर्माण के मानकों का पालन करने में विफल होंगी, उन्हें भारी जुर्माना देना होगा।
यह भी पढें: नए अंदाज में लॉन्च हुई Alto Lapin, क्यूट डिज़ाइन और रेट्रो लुक बना देगा दीवाना
आपको याद दिला दें कि, इस साल गर्मियों के मौसम के शुरुआत के साथ ही ओला, ओकिनावा, प्योर ईवी, जितेंद्र ईवी और यहां तक की टाटा मोटर्स की बेस्ट सेलिंग इलेक्ट्रिक एसयूवी टाटा नेक्सॉन ईवी में आग लगने की घटनाएं सामने आई थीं। अब सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी पैक के लिए एक मानक नियम को लागू कर इलेक्ट्रिक वाहनों को बेहतर और सुरक्षित बनाने की दिशा में काम कर रही है।
Published on:
23 Aug 2022 03:01 pm
बड़ी खबरें
View Allइलेक्ट्रिक व्हीकल्स
ऑटोमोबाइल
ट्रेंडिंग
