
प्रतिकात्मक तस्वीर: Nitin Gadkari To Launch Electric Tractor
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) हमेशा से नई और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की बात करते हैं। देश में पारंपरिक ईंधन (पेट्रोल-डीज़ल) पर निर्भरता कम करने के लिए केंद्रीय मंत्री इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रयोग को बल देने की वकालत भी करते हैं। इस बार उनका फोकस आम शहरियों के साथ ही देश के किसानों पर भी है, राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि, वह जल्द ही भारत में इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर (Electric Tractor) और ट्रक लॉन्च करने की तैयारी में हैं।
पुणे में एक सम्मेलन में बोलते हुए, गडकरी ने कहा कि सरकार वैकल्पिक ईंधन और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देगी। sइस कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए उन्होनें कहा कि, "जल्द ही मैं एक इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर और इलेक्ट्रिक ट्रक लॉन्च करूंगा," उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों की लोकप्रियता कई गुना बढ़ जाएगी। गडकरी ने कहा कि बजाज, टीवीएस और हीरो ने इलेक्ट्रिक बाइक पेश की हैं, और इलेक्ट्रिक रिक्शा भी सड़कों पर हैं। उन्होंने कहा कि 2025 तक ऑटोमोबाइल उद्योग का कुल कारोबार मौजूदा 6.5 लाख करोड़ रुपये से लगभग 15 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा।
उन्होनें कहा कि, “ऑटोमोबाइल प्रमुख क्षेत्रों में से एक है जो 4.5 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार प्रदान करता है और सरकार को उच्चतम जीएसटी का भुगतान करता है। निर्यात में ऑटोमोबाइल उद्योग की हिस्सेदारी बहुत बड़ी है और कई कंपनियां अपने वाहनों का 50 प्रतिशत से अधिक निर्यात करती हैं। उन्होंने कहा कि पेट्रोल और एथेनॉल के ऊष्मीय मान को बराबर करने में रूसी वैज्ञानिकों की मदद से प्रयोग सफल रहा है और यह एक गेम-चेंजर तकनीक साबित होने जा रही है।
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“हम बायो सीएनजी पर कंस्ट्रक्शन मशीनरी और कृषि मशीनरी चलाने की कोशिश कर रहे हैं। जेसीबी भी 50 फीसदी सीएनजी और 50 फीसदी डीजल से चल सकती है। गडकरी ने कहा कि कृषि उपकरणों को फ्लेक्स इंजन में बदलने के प्रयास किए जाने चाहिए। इससे कृषि क्षेत्र में भी डीजल पर निर्भरता कम होगी और खर्च पर भी नियंत्रण होगा। हालांकि गडकरी ने आने वाले इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर (Electric Tractor) के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की है।
Ethanol के प्रयोग पर जोर:
हाल ही में नितिन गडकरी देश के ऑटो इंडस्ट्री को पारंपरिक फ़्यूल (पेट्रोल-डीजल) के बजाय इथेनॉल, मेथनॉल, ग्रीन हाइड्रोजन और अन्य ईंधन विकल्पों वाले वाहनों के निर्माण पर जोर देने को कहा था। गडकरी के इस बयान ऑटो इंडस्ट्री ने स्वागत भी किया और नए फ़्यूल वाले वाहनों पर काम शुरू करने की अपनी मंशा भी जाहिर की थी।
उन्होनें एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा था कि, “मैं ऑटोमोबाइल उद्योग में सभी से अनुरोध कर रहा हूं कि कृपया आप संयुक्त राज्य अमेरिका, ब्राजील और कनाडा की तरह फ्लेक्स इंजन लाने में हमारा सहयोग करें।” उन्होनें कहा कि, “मैं मानता हूं कि, चारपहिया या दोपहिया दोनों तरह के वाहन पेट्रोल या इथेनॉल फ़्यूल से आसानी से चल सकते हैं।”
Updated on:
07 Jun 2022 05:06 pm
Published on:
07 Jun 2022 05:01 pm
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