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बढ़ी ओला की मुसीबत! Ola Electric Scooter में लगी आग पर सरकार ने कंपनी से मांगा जवाब, पूछा “क्या है ऐसी घटना का उपाय”

बताते चलें, कि Ola Electric अकेली निर्माता नहीं है, जिसने इस तरह की घटना का सामना किया है। अक्टूबर में एक ओकिनावा स्कूटर में आग लग गई थी। जिसके बाद HCD India स्कूटर में आग लगने की घटना सामनें आई और इसमें एक 60 वर्षीय व्यक्ति की दुखद मौत भी हुई।

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Ola Electric Scooter Catches Fire

Ola Electric Scooter Fire Update: ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर में लगी आग की खबरों ने तूल पकड़ लिया है, और अब इस पर सरकार ने जांच शुरू कर दी है, ताकि आग के मूल कारणों का पता चल सके। आपको याद होगा 2 दिन पहले ओला S1 Pro इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग लग गई थी, और यह घटना पुणे के लोहेगांव में हुई और वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो गया। हालांकि ओला ने खुद आग लगने के कारणों का पता लगाने की जांच शुरू कर दी है। वहीं अब सरकार भी इस पर सख्ती से सामने आई है, और जांच के आदेश दिए हैं।


सरकार ने मांगा जवाब

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MORTH) ने एक मीडिया वेबसाइट से बातचीत के दौरान बताया कि “सरकार ने ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग लगने की घटना की जांच के आदेश दिए हैं। Science and Technology के दिग्गज लोग इस घटना की जांच कर जल्द सरकार को रिपोर्ट सौंपेंगे। हाालंकि रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि सरकार वाहनों की सुरक्षा को लेकर काफी गंभीर है, वे जानना चाहते हैं कि आग किस वजह से लगी।



कई इलेक्ट्रिक स्कूटर हो चुके हैं, सड़कों पर राख

यहां खास बात यह है, कि ओला इलेक्ट्रिक अकेली निर्माता नहीं है, जिसने इस तरह की घटना का सामना किया है। अक्टूबर में एक ओकिनावा स्कूटर में आग लग गई थी। जिसके बाद HCD India स्कूटर में आग लगने की घटना सामनें आई और इसमें एक 60 वर्षीय व्यक्ति की दुखद मौत भी हुई। आग का यह सिलसिला यही खत्म नहीं होता, आपको याद होगा कि बीते साल प्योर ईवी के दो इलेक्ट्रिक स्कूटर में भी आग की घटना सामने आई।




बैटरी की खराबी है मुख्य कारण?

हालांकि, Ola Electric Scooter से निकलने वाला धुआं बैटरी की खराबी को स्पष्ट रूप से उजागर कर रहा है, और इलेक्ट्रिक वाहनों में बैटरी सुरक्षा पर एक बहस शुरू करता है। ऐसा नहीं है कि यहां सिर्फ भारतीय निर्माताओं की गलती है, क्योंकि अमेरिका और चीन से भी कई रिपोर्टों में टेस्ला के वाहनों में आग लगने की बात सामने आई है, जिसका अब तक कोई ठोस कारण पता नहीं चल पाया है। लेकिन विशेषज्ञ लिथियम-आयन बैटरी में थर्मल रनवे को इस तरह की दुखद घटनाओं के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।