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21 सूत्री मांगों को लेकर उप्र सरकार को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की चेतावनी

यदि सरकार ने महासंघ की मांगों पर जल्द विचार नहीं किया, तो समस्त प्रदेश के सांसदों, विधायकों, विधान परिषद एवं राज्यसभा सदस्यों के आवासों पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी करेंगे धरना-प्रदर्शन...
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up fourth class employee

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती पर लगी रोक हटाने सहित उनकी 21 सूत्री मांगों को स्वीकार नहीं किया, तो वे सांसदों और विधायकों के आवासों का घेराव करेंगे और धरना देंगे। उत्तर प्रदेश चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रामराज दुबे एवं उप महामंत्री सुरेश सिंह यादव ने यहां वाणिज्यकर भवन में बुधवार को एक बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष दुबे ने कहा, "पूरे प्रदेश में चरणबद्ध आंदोलन गेट मीटिंग के माध्यम से चलाया जा रहा है, लेकिन सरकार की तरफ से 21 सूत्री मांग-पत्र पर अभी तक कोई वार्ता और कोई सुनवाई नहीं की गई है।"

उप-महामंत्री सुरेश सिंह यादव ने बताया, "गरीब परिवारों के बच्चे किसी तरह हाईस्कूल तथा इंटर पास कर चतुर्थ श्रेणी की नौकरी पा जाते थे, लेकिन चतुर्थ श्रेणी की भर्ती पर रोक लगाकर सरकार ने ये नौकरियां भी उनसे छीन ली है। हम केंद्र एवं राज्य सरकार से पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग करते हैं।"

उन्होंने कहा, "नेता एक बार सांसद एवं विधायक तथा विधान परिषद एवं राज्यसभा सदस्य बन जाता है, तो वह आजीवन पेंशन पाने का हकदार होता है। लेकिन राज्य कर्मचारी 60 वर्ष की आयु तक सेवा देता है, लेकिन सरकार ने उसकी पेंशन बंद कर उसके बुढ़ापे का सहारा छीन लिया है।" दोनों कर्मचारी नेताओं ने कहा कि यदि महासंघ की 21 सूत्री मांग-पत्र पर सरकार ने जल्द विचार नहीं किया तो समस्त प्रदेश के सांसदों, विधायकों, विधान परिषद एवं राज्यसभा सदस्यों के आवासों पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी धरना-प्रदर्शन करेंगे।