बता दें, अमाल मलिक ने एक इंटरव्यू में साफ बताया कि आज के समय में बड़े लेबल और मैनेजमेंट ही असल निर्णयकर्ता बन चुके हैं। वे अपने-अपने कलाकारों को प्रमोट करना पसंद करते हैं क्योंकि वही रेवेन्यू भी लाते हैं। साथ ही, अमाल ने ये भी बताया, "नेपोटिज्म और ग्रुपिज्म अलग बातें हैं पर आज हर लेबल अपने आर्टिस्ट के साथ काम करने में कम्फर्टेवल है।" अमाल ने आगे ये भी बताया कि फिल्ममेकर और कंपोजर्स के बीच क्रिएटिव जुड़ाव स्वाभाविक रूप से बन जाता है, जैसे मणिरत्नम और रहमान, या अनुराग बसु और प्रीतम और ये किसी हद तक सही भी है। इसके अलावा, अमाल का मानना है कि अगर कोई बेहतर म्यूजिक बना रहा है तो उसे प्राथमिकता मिलनी चाहिए, चाहे वो ए.आर. रहमान हों या कोई नया कलाकार।