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BBC Documentary Controversy: BJP ही नहीं बल्कि पूर्व में कांग्रेस भी कर चुकी है इन फिल्मों और किताबों को बैन

BBC Documentary Controversy : ब्रिटिश ब्रॉडकास्टर BBC की डॉक्यूमेंट्री विवादों के घेरे में है। बीबीसी की डाक्यूमेंट्री 'India: The Modi Question' को लेकर विवाद थम नहीं रहा है। इसमें 2002 में गुजरात में हुए दंगों में पीएम मोदी की भूमिका होने का दावा किया गया था। यह पहली बार नहीं है जब BBC पर प्रतिबंध लगाया गया है। इससे पहले भी भारत सरकार BBC द्वारा बनाए गए डॉक्यूमेंट्री को लेकर उसे प्रतिबंधित कर चुकी है।

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Archana Keshri

Jan 27, 2023

BBC Documentary Controversy : Not only BJP but Congress has also banned release of these films and books

BBC Documentary Controversy : Not only BJP but Congress has also banned release of these films and books

BBC Documentary Controversy : केंद्र सरकार ने ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (BBC) की डॉक्युमेंट्री 'India: The Modi Question' पर बैन लगा दिया है। इस डॉक्यूमेंट्री को भारत सरकार ने 'प्रोपगैंडा' करार दिया है। भारत सरकार ने कहा कि ब्रिटेन की पब्लिक ब्रॉडकास्टर बीबीसी औपनिवेशक मानसिकता दिखा रही है। बीबीसी की यह डॉक्यूमेंट्री गुजरात में 2002 में हुए दंगों पर आधारित है। उस समय नरेंद्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे। भारत से लेकर लंदन तक बीबीसी की इस डॉक्यूमेंट्री का विरोध हो रहा है। हालांकि बैन के बावजूद कई राज्यों और यूनिवर्सिटी में इसकी सक्रीनिंग कराई जा रही है। दिल्ली से केरल तक डॉक्यूमेंट्री को लेकर बवाल हो रहा है।


कई बार बीबीसी और भारत सरकार का हुआ है टकराव

मगर बता दें, यह पहली बार नहीं है जब बीबीसी का भारत सरकार के साथ टकराव रहा है। इससे पहले इंदिरा गांधी, मनमोहन सिंह और राजीव गांधी समेत कई सरकारों में विवादित फिल्‍मों और डॉक्यूमेंट्री पर ऐक्‍शन हो चुका है। सिर्फ बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री ही नहीं बल्कि भारत में कई फिल्मों, गानों और किताबों पर प्रतिबंध लगया जा चुका है। हालांकि, बाद में इनमें से कुछ को बहाल भी किया गया, लेकिन कुछ पर अभी भी प्रतिबंध जारी है। मगर आपको बता दें, सबसे ज्यादा प्रतिबंध कांग्रेस ने सत्ता में रहने के दौरान लगाया था।


बीबीसी पर इस दौरान लगाया गया था बैन

- 1970 में कांग्रेस सरकार ने बीबीसी को बैन कर दिया था। फ्रांसीसी निर्देशक लुइस मैली की दो डॉक्यूमेंट्री 'कलकत्ता' और 'फैंटम इंडिया' का प्रसारण ब्रिटिश टेलीविजन पर किया गया था। प्रसारण के बाद भारतीयों ने बीबीसी की तीखी आलोचना की थी। इन दोनों डॉक्युमेट्री में भारत की नकारात्मक तस्वीर दिखाई गई थी। इसे बैन करने साथ-साथ दिल्ली स्थित बीबीसी का ऑफिस 2 साल के लिए बंद रहा था।

- 2008 में कांग्रेस सरकार और बीबीसी के बीच एक बार फिर टकराव हुआ। इस दौरान बीबीसी ने एक पैनोरमा शो में एक फुटेज दिखाया जिसमें बच्चे एक वर्कशॉप में काम करते हुए दिख रहे थे। इस शो कि स्टोरी फर्जी थी। इस शो पर बाल श्रम को बढ़ावा देने के आरोप लगाए गए।

- 2015 में दिल्ली हाईकोर्ट ने बीबीसी की एक डॉक्यूमेंट्री को बैन करने के फैसले को सही ठहराया था। इस डॉक्यूमेंट्री में दिल्ली के निर्भया गैंग रेप के दोषी मुकेश सिंह को दिखाया जा रहा था।

- 2017 में बीजेपी सरकार ने बीबीसी की जंगली जानवरों के शिकार से जुड़ी एक डॉक्यूमेंट्री पर बैन लगाया था। इस डॉक्यूमेंट्री की वजह से भारत की छवि को गहरी चोट पहुंचाई गई थी। इस बैन के साथ-साथ भारत सरकार ने बीबीसी को भारत के नेशनल पार्क और वाइल्ड लाइफसेंचुरी में शूटिंग करने से 5 साल की रोक लगा दी।


भारत में बैन हुई थीं ये फिल्में

- पहली बार 1955 में 'समर टाइम' नामक फिल्म पर बैन लगाया गया था। इस फिल्म में एक अमेरिकी महिला के चरित्र को दिखाया गया था, जिस कारण इसे भारत में बैन कर दिया गया था।

- 1959 में नील 'अक्षर नीचे' केंद्र सरकार के हाथों बैन होने वाली पहली देशी फिल्म बनी।

- 1963 में बनी गोकुल शंकर पर भी भारत सरकार ने रोक लगा दिया। सरकार ने आरोप लगाए कि इसमें महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे की मनोवैज्ञानिक प्रेरणाओं को चित्रित किया गया था।

- 1973 में 'गरम हवा' नाम की एक फिल्म पर भी नौ महीने का बैन लगा था। इस फिल्म में भारत-पाकिस्तान के बंटवारे के दौरान एक मुस्लिम परिवार के बारे में बताया गया था।

- 1975 में बनी फिल्म 'आंधी' पर तत्कालीन इंदिरा गांधी सरकार ने प्रतिबंध लगा दिया था। मगर बाद में जब जनता पार्टी की सरकार आई तो इस प्रतिबंध को हटा लिया गया। कांग्रेस पार्टी ने इस फिल्म को लेकर आरोप लगाया कि ये फिल्म तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के साथ उनके पति के रिश्तों पर आधारित थी।

- 1970 के दौर में ही 'किस्सा कुर्सी का' फिल्म पर बैन लगाया गया था। इस फिल्म में आपातकाल के दौर और इसी दौर की सरकारी तानाशाही को निशाना बनाया गया था। मगर इस फिल्म को जनता पार्टी सरकार ने 1977 में रिलीज करा दिया था।


किशोर कुमार के गानों पर सरकार ने लगाया था बैन

- इमरजेंसी यानी कि आपातकाल के दौर में कांग्रेस सरकार ने किशोर कुमार के गाने पर बैन लगा दिया था। 1975 में इंदिरा गांधी ने देश में इमरजेंसी की घोषणा की और मीडिया, कलाकारों और विरोधी नेताओं के कई संवैधानिक अधिकारों को छीन लिया था। इन सबके चलते इमरजेंसी के दौरान तत्कालीन कांग्रेस सरकार संकट में आ गई थीं।

- उन दिनों किशोर कुमार काफी पॉपुलर थे। कांग्रेस सरकार चाहती थी कि सरकारी योजनाओं की जानकारी किशोर कुमार अपनी आवाज में गाना गाकर दें। इंदिरा गांधी सरकार में सूचना प्रसारण मंत्री वीसी शुक्ला ने किशोर कुमार के पास संदेशा भिजवाया कि वो इंदिरा गांधी के लिए गीत गाएं जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक सरकार की आवाज पहुंचे।

- किशोर कुमार ने संदेश देने वाले से पूछा कि उन्हें ये गाना क्यों गाना चाहिए तो उसने कहा, क्योंकि वीसी शुक्ला ने ये आदेश दिया है। आदेश देने की बात सुनकर किशोर कुमार भड़क गए और उन्होंने उसे डांटते हुए गाना गाने से मना कर दिया।

- किशोर कुमार के इस फैसले से कांग्रेस गुस्से में आ गई और उन्होंने किशोर कुमार के गाने ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर बैन कर दिए। सिर्फ यहीं नहीं, जिन फिल्मों में किशोर कुमार बतौर एक्टर दिखे ते, उनके प्रसारण पर भी रोक लगा दी गई। किशोर कुमार पर यह बैन 3 मई 1976 से लेकर आपातकाल खत्म होने तक जारी रहा।


भारत में इन किताबों पर लगाया गया है बैन

- Nehru: A Political Biography : पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अपने पिता जवाहर लाल नेहरू पर लिखी गई और 1971 और 1973 में प्रकाशित हुई इस किताब पर बैन लगा दिया था। इस किताब में नेहरू की राजनीतिक अक्षमता को लेकर सवाल उठाए गए हैं। बैन लगाने का कारण तथ्यात्मक त्रुटियां बताई गई।

- The Satanic Verses : 1988 में प्रकाशित हुई इस किताब को लेकर ग्लोबल लेवल पर विवाद हुआ था। इस किताब के लेखक सलमान रुश्दी के खिलाफ फतवा तक जारी कर दिया गया। फतवा जारी होने से पहले ही भारत ने इस किताब पर बैन लगा दिया था। इस किताब के बैन होने के पीछे की वजह यह बताई गई कि इस किताब ने इस्लाम का अपमान किया है।

- Price of Power : इस किताब में पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के उपर गंभीर आरोप लगाए गए थे। किताब में कहा गया था कि पूर्व वह अमेरिकी खुफिया एंजेसी सीआईए के एंजेट थे। इस किताब के प्रकाशित होने के बाद अमेरिका कोर्ट में मोरारजी देसाई ने प्रकाशक के खिलाफ मुकदमा भी दायार कया था।

- The Face of Mother India : 1990 में आई इस किताब को कैथरीन मेयो ने लिथा था। इस किताब में उन्होंने कहा था कि भारत स्वराज के काबिल नहीं है। इस किताब को बाहर से भारत लाने पर भी बैन लगा हुआ है।

- Hindu Heaven : यह किताब भी 1990 में छापी गई थी। इसे मैक्स वाइली ने लिखा है। किताब में भारत में अमेरिकन मिशनरी के काम करने कृपर लिखा गया है और इसे इसलिए बैन किया गया क्योंकि लोगों को लगा कि इसमें सभी बातें बढ़ा-चढ़ा कर लिखी गई हैं।

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