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बेशरम रंग पर गरमाई सियासत, बात यहाँ तक पहुँच गई !

भगवा रंग हमारे धर्म का प्रतीक है। यह फिल्म मेकर्स की सनातन संस्कृति को कमजोर करने की बेहद घटिया कोशिश

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बेशरम रंग पर गरमाई सियासत, बात यहाँ तक पहुँच गई !

बेशरम रंग पर गरमाई सियासत, बात यहाँ तक पहुँच गई !

पठान के बेशरम रंग गाने पर विवाद बना हुआ है। इस पर सियासत गरमाई हुई है। इस मामले में बीजेपी नेता हरि भूषण ठाकुर बचौल का रिएक्शन सामने आया है। उन्होंने फिल्म पठान को बिहार में रिलीज न करने की धमकी दी है। बचौल ने मीडिया से कहा- ‘भगवा रंग हमारे धर्म का प्रतीक है। यह फिल्म मेकर्स की सनातन संस्कृति को कमजोर करने की बेहद घटिया कोशिश थी।’

बचौल ने फिल्म का विरोध करते हुए आगे कहा- ‘सूरज का रंग भगवा है, आग का रंग भी भगवा है। यह रंग बलिदान का प्रतीक है। मेकर्स ने उस भगवा रंग को ‘बेशरम रंग’ बताया गया है, जो कि बहुत आपत्तिजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है। फिल्म में हीरोइन छोटी ड्रेस में अश्लीलता फैला रही है, यही वजह है कि लोग फिल्म के बहिष्कार की मांग कर रहे हैं। हम फिल्म को बिहार के सिनेमाघरों में नहीं रिलीज होने देंगे, अगर ऐसा होता है तो बीजेपी के सभी कार्यकर्ता हॉल्स के बाहर प्रोटेस्ट पर बैठ जाएंगे।’

इसके उलट JDU नेता उपेंद्र कुशवाहा ने पलटवार करते हुए कहा, ‘किसी भी पॉलिटिकल पार्टी के पास किसी स्पेशल कलर का कॉपीराइट नहीं है। भाजपा बेवजह फिल्म को लेकर विवाद पैदा करने की कोशिश कर रही है।’

इधर बसपा नेता सांसद कुंपर दानिश अलि ने फिल्म को बैन करने की मांग उठाने वालों की आलोचना की। पठान का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा- ‘फिल्मों को मंजूरी देने का काम सेंसर बोर्ड पर छोड़ देना चाहिए। सनातन धर्म इतना कमजोर नहीं है, जो किसी के भगवा रंग के कपड़े पहने से खतरे में आ जाए और न ही इस्लाम इतना कमजोर है कि एक फिल्म से उनकी भावनाओं को ठेस पहुंचे।