इंडस्ट्री के महानायक दिलीप कुमार अगर आज जिंदा होते, तो वह अपना 99वां जन्मदिन मना रहे होते। बता दें कि लंबी बीमारी के बाद 7 जुलाई को दिलीप साहब ने दुनिया को अलविदा कह दिया था।
अपने करियर में एक से बढ़कर एक ब्लॉकबस्टर फिल्में देने वाले दिलीप साहब की आज बर्थ एनिवर्सरी है। बॉलीवुड इंडस्ट्री में उन्हें ट्रेजडी किंग के नाम से जाना जाता था। उनका जन्म 11 दिसंबर 1922 को पाकिस्तान के पेशावर में हुआ था।
इस बात में कोई शक नहीं कि उन्होंने अपने दौर में एक से बढ़कर एक फिल्में इंडस्ट्री को दीं। यही वो वक्त था जब इंडस्ट्री से लेकर आम शख्स उनसे शादी करने के लिए फिक्रमंद था, लेकिन इन सबको दरकिनार कर उन्होंने अपने से 22 साल छोटी सायरा बानो से शादी की। दोनों के प्यार-मोहब्बत के किस्सें उस दौर में बड़े ही मशहूर हुए। अब उनके किस्से, किस्से ही बनकर रह गए हैं। दिलीप साहब इस दुनिया में नहीं है, इस साल जुलाई में उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया।
आज इस स्टोरी में हम आपको बताने जा रहे हैं सायरा बानो और दिलीप की एक स्टोरी जिसकी काफी दिनों तक चर्चा हुई थी। दरअसल बात उस दिन की है जब सायरा औऱ दिलीप की सगाई थी औऱ अपनी सगाई के दिन ही दिलीप कुमार सायरा को छोड़कर कही चले जाते हैं। एक इंटरव्यू में सायरा बानो ने अपने और दिलीप की जिंदगी से जुड़े कई राज खोले थे। इस दौरान उन्होंने अपनी सगाई से जुड़ा एक किस्सा शेयर किया।
उन्होंने बताया कि एक लड़की थी जो दिलीप साहब की पूर्व प्रेमिका थी और उसने सगाई के दिन नींद की गोलियां ले लीं थी। फिर क्या था दिलीप साहब को फौरन वहां जाना पड़ा। वहां जाकर उन्होंने उसे शांत किया औऱ समझाया कि वो मुझसे प्यार करते हैं, जिसके बाद ही हम सगाई कर पाए। 11 अक्टूबर, 1966 को दिलीप कुमार और सायरा बानो ने शादी कर ली। लंबी बीमारी के बाद 7 जुलाई को उनका निधन हो गया था।
‘मुगल-ए-आजम’, ‘देवदास’, ‘नया दौर’ और ‘राम और श्याम’ जैसी बेहतरीन फिल्मों में अभिनय का जादू बिखेरने वाले दिलीप कुमार को आज उनकी बर्थ एनिवर्सिरी पर याद करते हुए सायरा बानो कहती हैं कि दिलीप साहक के शारीरिक रूप से साथ नहीं होने के कारण एक बड़ा खालीपन पैदा हो गया है, लेकिन उन्हें अब भी लगता है कि उनके पति हर कदम पर उनके साथ हैं। उन्होंने कहा कि मैं जुहू गार्डन जाना चाहती हूं, जहां वह दफन हैं।