उज्जैन.
नागपंचमी २१ अगस्त के दिन ही श्रावण सोमवार की सवारी भी निकलेगी। दो बड़े धार्मिक आयोजन एक दिन है, सुलभ व्यवस्थाएं बनाने के लिए प्रशासन को पांच बड़ी चुनौतियां का सामना करना होगा। प्रमुख चुनौती भीड़ नियंत्रण होगी, क्योंकि सवारी के चलते नागपंचमी की व्यवस्था के लिए मंदिर के सामने का क्षेत्र उपयोग नहीं हो पाएगा।
इस बार नागपंचमी पर सात लाख से अधिक श्रद्धालुओं के मंदिर पहुंचने का अनुमान है। इसके अलावा महाकाल सवारी में भी लाखों श्रद्धालु आएंगे। मंदिर के आसपास निर्माण प्रचलित है, कुछ प्रमुख मार्ग उखड़ रहे हैं, सड़कों पर अतिक्रमण है, नाला निर्माण से चारधाम मार्ग खुदा पड़ा है और भीड़ को डायवर्ट करने के लिए विकल्प काफी कम है। इसलिए इस बार चुनौती और बड़ी होगी।
ंपंचमी को लेकर पांच चुनौतिया
१. मंदिर के सामने का क्षेत्र नहीं मिलेगा- नागपंचमी पर्व पर सुलभ दर्शन के साथ बड़ी चुनौती क्राउड मैनेजमेंट रहेगा। श्रावण सोमवार नहीं होता तो भीड़ डायर्वशन के लिए रूद्र सागर क्षेत्र के अलावा महाकाल घाटी, चौबीस खंबा माता मंदिर, पटनी बाजार, रामघाट, ढाबा रोड आदि का भी उपयोग होता। सोमवार को बाबा महकाल की सवारी होने से बेरिकेडिंग रहेगी और यह क्षेत्र उपलब्ध नहीं हो पाएंगे।
२. सड़कें खराब, चारधाम रोड खुदा हुआ
श्रद्धालुओं को नृसिंहघाट मार्ग पर लाकर गंगा गार्डन रोड से हरसिद्धी चारधाम मंदिर पार्किंग के जीकजेक में लाया जाएगा। इस मार्ग पर आने के लिए उपलब्ध जयसिंहपुरा-नृसिंहघाट मार्ग उखड़ा हुआ व कीचड़ से सना है। गंगा गार्डन मार्ग गोंड बस्ती के बाहर गंदगी पसरी है। चारधाम मंदिर मार्ग रूद्र सागर के किनारे बेरिकेट्स लगाए जाते हैं। नाला निर्माण के कारण अभी यह रोड ३० फीसदी उखड़ा हुआ है।
३. श्रद्धालु पेयजल, शौच के लिए परेशान होंगे
नागचंदेश्वर मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को चारधाम मंदिर पार्किंग स्थल पर बनने वाले जीकजेक में लाया जाएगा। एक बार जीकजेक में आने के बाद मंदिर पहुंचने तक श्रद्धालु बेरिकेट्स से बाहर नहीं निकल पाते थे। कतार में दो घंटे से अधिक समय लगेगा। इस दौरान पेयजल, शौचालयक आदि के लिए श्रद्धालुओं व्यवस्था नहीं मिली तो उन्हें काफी परेशानी आएगी। पूर्व के पर्व में कई लोग कतार में बेहोश तक हुए हैं।
४. जगह-जगह अतिक्रमण
नृसिंहघाट, हरसिद्धी पाल मार्ग, बड़ा गणेश मंदिर की गली, चारधाम मंदिर मार्ग, सहित महाकाल मंदिर पहुंचने के सभी प्रमुख मार्गों से लेकर मंदिर के आसपास बड़ी संख्या में गुमटी-ठेले, फेरीवालों का अतिक्रमण हैं। स्थायी दुकानदारों ने भी कुर्सी, टेबल के जरिए सड़क किनारे तक अतिक्रमण कर रखा है। नागपंचमी से पूर्व अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो भीड़ नियंत्रण और भी मुश्किल हो जाएगा।्र
५. एक मिनट में ४५० से ज्यादा को दर्शन
नाग पंचमी पर २० अगस्त रात १२ बजे से नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट खुलेंगे और २१ अगस्त रात १२ बजे तक खुले रहेंगे। पूजन आदि समय हटाने के बाद आम श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए करीब २२ घंटे मिलेंगे। सात लाख लोगों के आने का अनुमान है। इस लिहाज से प्रति मिनट ४५० से अधिक श्रद्धालुओं को दर्शन करवाकर आगे बढ़ाना होगा।
इन पर भी ध्यान देने की जरूरत
– हरिफाटक ब्रिज के निचे, चारधाम मंदिर, त्रिवेणी संग्रहालय के सामने, छोटा रूद्र सागर और भील धर्मशाला की वाहन पार्किंग बंद रह सकती है। अन्य स्थानों पर वाहनों का दबाव बढ़ेगा। इससे इंदौर रोड फोरलेन के आसपास वाहनों का जाम लगने की आशंका।
– ऐरोब्रिज श्रद्धालु नागचंद्रेश्वर मंदिर जाएंगे। शाम 4 बजे मंदिर से बाबा महाकाल की पालकी निकलने के दौरान दर्शन के लिए ब्रिज पर श्रद्धालुओं खड़े हो सकते हैं। इससे नागचंद्रेश्वर मंदिर की दर्शन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
– अधिकांश श्रद्धालु बाहर से आते हैं। हरसिद्धी की पाल, गोंड बस्ती की गलियां, आदि मार्ग पर बेरिकेडिंग होने से श्रद्धालुओं को काफी भटकना पड़ता है। रूद्र सागर के आसपास की धर्मशाला में ठहरे श्रद्धालु रूम तक नहीं पहुंच पाते हैं।