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Patrika Exclusive: ‘लापता लेडीज’ की टीम से खास बातचीत, किरदार में ढलने के लिए फूड डिलीवरी बॉय के साथ रहे, पढ़िए स्टार्स की कहानी उनकी जुबानी

'लापता लेडीज' 1 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। लेकिन बीते कल (10 फरवरी) जयपुर में इस फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग हुई। इस दौरान 'लापता लेडीज' की टीम ने पत्रिका एंटरटेनमेंट के साथ खास बातचीत की।

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जयपुर

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Gausiya Bano

Feb 11, 2024

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'लापता लेडीज' 2001 की देसी कहानी है, जो एंटरटेनमेंट के साथ देती है स्पेशल मैसेज।

"हमरी दुलहिन के नाक के नीचे तिल है, वो भी सरसों बराबर।" ये डायलॉग फिल्म 'लापता लेडीज' (Laapataa Ladies) का है। जिसके बाद सिनेमा हॉल में मौजूद लोगों की तालियां रुकने का नाम ही नहीं ले रही थी। पूरी फिल्म में ऐसे ही कई डायलॉग्स और दृश्य हैं, जिन्हें देखकर आप लोट-पोट हो जाएंगे।

'लापता लेडीज' 1 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। लेकिन बीते कल (10 फरवरी) जयपुर में इस फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग हुई, जिसमें फिल्म की डायरेक्टर किरण राव (Kiran Rao) और स्टार कास्ट स्पर्श श्रीवास्तव (Sparsh Srivastava), नितांशी गोयल (Nitanshi Goel) और प्रतिभा रांटा (Pratibha Ranta) मौजूद रहें। इस दौरान 'लापता लेडीज' की टीम ने पत्रिका एंटरटेनमेंट से फिल्म के बारे में और उससे जुड़े कई दिलचस्प किस्से बताए हैं।

डायरेक्टर किरण ने बताई फिल्म की कहानी
किरण ने फिल्म 'लापता लेडीज' की कहानी के बारे में बताते हुए कहा कि यह कहानी 2 दुल्हनों की है, जो लंबा घूंघट लिए रहती है और इसकी वजह से वे ट्रेन में बदल जाती हैं और अलग-अलग जगह पर पहुंच जाती हैं। यह कहानी खासतौर पर इन्हीं दुल्हनों के सफर के बारे में है। इस दौरान वह कई चुनौतियों का सामना करती हैं और इस सफर में कहीं न कहीं खुद को ढूंढने की कोशिश करती हैं।


23 साल पुरानी है कहानी
किरण आगे बताती हैं कि 'लापता लेडीज' फिल्म की कहानी 23 साल पहले, 2001 के ग्रामीण क्षेत्र की है। उस दौरान इंटरनेट का इस्तेमाल बहुत नहीं होता था। सभी की जिंदगी बहुत ही सिंपल रहती थी, जो आजकल की फिल्मों में कम दर्शाया जाता है। क्योंकि अब लोग एक्शन और स्पेशल एफेक्ट्स की फिल्में ज्यादा देखते हैं। लेकिन हम सभी कहीं न कहीं गांव से कनेक्ट हैं और मुझे लगता है कि लोगों को अभी भी ऐसी कहानियां सुनने और देखने में दिलचस्पी है।

किरदार में ढलने के लिए डिलीवरी बॉय के साथ गुजारा समय- स्पर्श श्रीवास्तव
'लापता लेडीज' में एक्टर स्पर्श श्रीवास्तव ने दीपक कुमार (दूल्हा) का किरदार निभाया है। इसके बारे में उन्होंने बताया, मैंने काम करते-करते ही एक्टिंग सीखी है। हमे पन्नों पर लिखी स्क्रिप्ट तो मिल गई थी, लेकिन मैं कुछ और भी ढूंढ रहा था। इस बीच एक दिन हमने खाना ऑर्डर किया तो डिलीवरी बॉय मास्क पहनकर आया। मुझे उसकी सिर्फ आंखें दिखी, जो बहुत ही मासूम थी और उसकी आंखों में मुझे मेरा किरदार नजर आया। इसके बाद मैं उनसे 4-5 बार मिला और उन्हें ऑब्जर्व करने की कोशिश की।


फिल्म के बाद काम करने का तरीका बदल गया- प्रतिभा रांटा
'लापता लेडीज' की एक्ट्रेस प्रतिभा रांटा (पुष्पा रानी) ने अपना एक्सपीरियंस शेयर करते हुए बताया कि पूरी फिल्म के बाद उनके काम करने का तरीका और सोचने का तरीका बदल गया है। उन्होंने कहा, पहले के मुकाबले अब मैं दूसरी तरह से अपने काम को अप्रोच करती हूं और यह मुझे बहुत खूबसूरत बदलाव लगता है अपने अंदर।

हर किसी ने एक-दूसरे को कुछ न कुछ सीखाया है- नितांशी गोयल
इस फिल्म में दूसरी दुल्हन एक्ट्रेस नितांशी गोयल (फूल) हैं। उन्होंने कहा कि 'लापता लेडीज' के शूट के दौरान उन्हें बहुत कुछ सीखने का मौका मिला। उन्होंने आगे कहा, हम सभी जब मिले तो सबके पास अपने-अपने एक्सपीरियंस थे। कुछ चीजें दूसरों को सीखाने वाली थी, तो कुछ सीखने वाली। मैंने इस दौरान हर किसी से बहुत कुछ सीखा है और इसमें मुझे बहुत अच्छा लगा।


"फिल्म ने बेहतर एक्टर के साथ-साथ बनाया बेहतरीन इंसान"
इंटरव्यू में आगे स्पर्श श्रीवास्तव कहते हैं कि इस फिल्म ने उन्हें न सिर्फ एक बेहतर एक्टर बनाया, बल्कि एक अच्छा इंसान भी बनाया है। स्पर्श की इस बात पर प्रतिभा तुरंत रिएक्शन देते हुए कहती हैं कि ये सच हैं। हमारे अंदर अब बहुत बदलाव आए हैं, जो हम सभी ने महसूस किए हैं।

"दूर रहकर ही रवि किशन फिल्म को कर रहे प्रमोट"
आखिर में किरण राव ने बताया कि फिल्म में रवि किशन का रोल काफी महत्वपूर्ण और एंटरटेनिंग है, लेकिन वह संसद में भी रहते हैं, इसलिए वह हमारे साथ जुड़ नहीं पाए। लेकिन वह जहां भी हैं, हमें उनका सपोर्ट लगातार मिल रहा है। वह अपनी जगह रहकर ही फिल्म को प्रमोट कर रहे हैं।