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मैत्रीबाग में पहुंचे नए बोट, बच्चों के लिए झील में उतरेगी छोटी नाव

मैत्रीबाग के झील में 1 मई 2024 से नौका विहार शुरू हो जाएगा। इसके लिए नए बोट पहुंच चुके हैं। पहली बार बच्चों के लिए अलग से छोटी नाव भी नजर आएगी। पर्यटकों के लिए यह खुशखबर है, कि फिर एक बार नौका विहार शुरू हो रहा है। ठेका खत्म होने के बाद से नौका विहार बंद पड़ा था। अब फिर एक बार यहां रौनक नजर आएगी।

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भिलाई

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Abdul Salam

Apr 28, 2024

मैत्रीबाग के झील में 1 मई 2024 से नौका विहार शुरू हो जाएगा। इसके लिए नए बोट पहुंच चुके हैं। पहली बार बच्चों के लिए अलग से छोटी नाव भी नजर आएगी। पर्यटकों के लिए यह खुशखबर है, कि फिर एक बार नौका विहार शुरू हो रहा है। ठेका खत्म होने के बाद से नौका विहार बंद पड़ा था। अब फिर एक बार यहां रौनक नजर आएगी।

10 बड़े और 4 छोटे बोट

मैत्रीबाग के नौका विहार झील में 10 बड़े और 4 छोटे बोट पहुंच गए हैं। पहले के बोट से यह और बेहतर व आकर्षक नजर आ रहे हैं। मैत्रीबाग के झील में कचरा पसर गया था, बोटिंग के लिए झील को साफ करवाया जा रहा है। सफाई सिर्फ उतने हिस्सी में की जा रही है, जितने में नौका विहार करने की इजाजत है।

मैत्रीबाग को मिलेगा राजस्व

नौका विहार के शुरू हो जाने से प्रबंधन के खजाने में हर माह तय राशि आने लगेगी। ऋषिकेश इंफ्रा नामक एजेेंसी ने इस कार्य को लिए है। नौका विहार के बदले हर माह एजेेंसी बीएसपी को करीब 40 हजार तक भुगतान करेगी। इस तरह से साल में 4.8 लाख रुपए खजाने में आना तय है। यह ठेका दो साल के लिए हुआ है।

नहीं बढ़ाया शुल्क

मैत्रीबाग प्रबंधन ने नौका विहार के लिए आने वाले पर्यटकों को राहत देते हुए, किराए में इजाफा नहीं किया है। प्रति व्यक्ति करीब 50 रुपए लिया जाएगा। पर्यटकों को बोट में बैठने से पहले लाइफ जैकेट का इस्तेमाल करने दिया जाएगा। बड़ों के अलावा बच्चों के लिए छोटे जैकेट लाए गए हैं।

हर माह आते हैं 1 लाख पर्यटक

मैत्रीबाग 1972 में बनकर तैयार हुआ था। पांच दशक से अधिक का वक्त बीत चुका है। मैत्रीबाग में अब हर माह करीब 1 लाख पर्यटक देश के अलग-अलग हिस्से से आते हैं। भिलाई में मनोरंजन के नाम पर मैत्रीबाग ही नजर आता है। बीएसपी कर्मियों के रिश्तेदार दूसरे प्रदेशों से आते हैं, तब वे तफरीह के लिए मैत्रीबाग ही लाते हैं। मैत्रीबाग को भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन ने अपने कर्मचारी, अधिकारी व उनके परिवार के मनोरंजन के लिए शुरू किया था। समय के साथ इसका विस्तार किया गया।